नगर निगम पर शासन की ओर से राजस्व बढ़ाने का भारी दबाव है। इसके कारण निगम शहर के प्रमुख स्थलों को चिह्नित कर बड़ी एलईडी पर विज्ञापन प्रसारित करेगा। इसके साथ ही डिजिटल साइन बोर्ड लगाने की भी तैयारी की जा रही है।
नगर निगम का सालाना बजट करीब 90 करोड़ है। इसमें से आधे से ज्यादा बजट वेतन और अन्य संसाधनों पर खर्च हो जाता है। ऐसे में निगम को राज्य और वित्त योजनाओं की ओर मुंह ताकना पड़ता है। इसी के कारण केंद्र और राज्य सरकारों की ओर से निकायों को राजस्व बढ़ाने के लिए कहा जा रहा है।
स्वच्छता सर्वेक्षण के दौरान भी अपने संसाधनों के जरिये आय अर्जित करने पर अंक दिए जाते हैं। अब निगम यूजर चार्ज, प्राॅपर्टी टैक्स समेत विभिन्न स्रोत से आय बढ़ाने का प्रयास कर रहा है। इसी क्रम में शहर में प्रारंभ में छह से सात स्थानों एलईडी लगाई जाएंगी। इस पर विज्ञापन प्रसारित करने के लिए टेंडर जारी किया जाएगा।
वहीं, दूसरी ओर नगर निगम शहर भर में पुराने साइन बोर्ड को हटाकर इनकी जगह डिजिटल साइन बोर्ड लगाने की तैयारी कर रहा है। इनके जरिये भी राजस्व वृद्धि के प्रयास किए जाएंगे। नगर आयुक्त राकेश चंद्र तिवारी ने बताया कि एलईडी लगने से निगम के राजस्व प्राप्ति के संसाधनों में वृद्धि होगी।