अब जनपद के प्रारंभिक शिक्षा के सभी शिक्षकों के प्रमाणपत्रों की जांच होगी। हाईकोर्ट ने सभी प्रारंभिक शिक्षकों के प्रमाणपत्रों की जांच के लिए अधिकारियों को आदेश दिए हैं। वहीं दूसरी ओर शिकायत मिलने के बाद एसआईटी भी फर्जी शिक्षकों के प्रमाणपत्रों की जांच कर रही है।
करीब ढाई साल पहले एसआईटी देहरादून की ओर से सार्वजनिक सूचना जारी की गई थी, जिसमें लोगों से शिक्षकों के फर्जी प्रमाणपत्रों के संबंध में शिकायत दर्ज कराने की जानकारी दी गई थी। इसके बाद लोगों की ओर से मिली शिकायतों की जांच की गई। इनमें अभी तक काफी शिक्षकों के प्रमाण फर्जी निकल चुके हैं। मिली जानकारी के अनुसार, पिछले दिनों जसपुर के एक शिक्षक के फर्जी प्रमाणपत्रों की शिकायत विभागीय अधिकारियों को की गई थी। जांच में शिक्षक के प्रमाणपत्र फर्जी निकले थे। इस पर आरोपी शिक्षक ने प्रकरण को लेकर हाईकोर्ट में याचिका दायर की है। मामले की सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने फर्जी प्रमाणपत्रों के आधार पर नौकरी पाने के मामलों को लेकर कड़ी आलोचना की थी। हाल ही में शिक्षा निदेशक आरके कुंवर ने समस्त जिलाधिकारी बेसिक को जारी पत्र में बताया कि फर्जी प्रमाणपत्रों पर नौकरी पाने के बाबत हाईकोर्ट ने गहरी निंदा की है। निदेशक ने हाईकोर्ट का हवाला देते हुए विभागीय अधिकारियों को समस्त शिक्षकों केे प्रमाणपत्रों की जांच के आदेश दिए हैं। निदेशक के आदेश मिलने के बाद जिला शिक्षाधिकारी बेसिक ब्रह्मपाल सिंह सैनी ने उप शिक्षाधिकारियों को जांच के बाद आख्या प्रस्तुत करने के आदेश दिए हैं।
ब्लॉक स्तर पर की गई कमेटी गठित
प्रारंभिक शिक्षा उत्तराखंड के निदेशक आरके कुंवर की ओर से जारी आदेश में प्रत्येक ब्लॉक पर एक कमेटी का गठन किया गया है, जो प्रमाणपत्रों की जांच करेंगी। इसमें ब्लॉक की उप शिक्षाधिकारी अध्यक्ष, मुख्य प्रशासनिक अधिकारी सदस्य सचिव, वरिष्ट प्रशासनिक अधिकारी सदस्य व संबंधित पटल सहायक को सदस्य नियुक्त किया गया है।
अगस्त का वेतन रोकने की चेतावनी
जिला शिक्षाधिकारी का पत्र मिलने के बाद रुड़की उप शिक्षाधिकारी रीना राठौर ने सोमवार को राजकीय उच्चतर प्राथमिक विद्यालय और राजकीय प्राथमिक विद्यालयों के शिक्षकों को तीन दिन के अंदर अपने प्रमाणपत्रों की मूल प्रति एवं एक सेट संबंधित प्रमाणपत्रों की छायाप्रति जमा कराने के निर्देश दिए हैं। तीन दिन में प्रमाणपत्र जमा न कराने वाले शिक्षकों के अगस्त का वेतन रोकने की चेतावनी दी है।
24 से ज्यादा के फर्जी मिल चुके प्रमाणपत्र
सालों से फर्जी शिक्षकों के प्रमाणपत्रों की जांच एसआईटी कर रही है, लेकिन एसआईटी सिर्फ उन्हीं शिक्षकों के प्रमाणपत्रों की जांच कर रही है, जिनकी शिकायत मिलती है। हरिद्वार जिले में करीब 24 शिक्षकों के प्रमाणपत्र फर्जी साबित हो चुके हैं। इस पर विभागीय और अन्य कार्रवाई की जा रही है।
हाईकोर्ट के आदेश पर उच्चाधिकारियों की ओर से शिक्षकों के प्रमाणपत्रों की जांच के आदेश मिले हैं। वहीं ब्लॉक स्तर पर कमेटी गठित की गई है। यह कमेटी उप शिक्षाधिकारियों के अध्यक्षता में गठित की गई है।
-ब्रह्मपाल सिंह सैनी, जिला शिक्षाधिकारी बेसिक