एक ओर जहां प्रत्याशी लोगों के घर-घर पहुंचकर अपने लिए वोट मांगते रहे, वहीं कुछ प्रत्याशी ऐसे भी रहे जो खुद अपना वोट अपने लिए नहीं डाल पाए। पिरानकलियर, झबरेड़ा समेत जिले की कई विधानसभा सीट के कई प्रत्याशी अपना वोट दूसरी विधानसभा में रहा।
कलियर से भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ रहे जयभगवान सैनी मानबांसू के रहने वाले हैं। उनका यह गांव ज्वालापुर विधानसभा में पड़ता है और वहीं वोट है। ऐसे में वह अपने लिए वोट नहीं डाल पाए। बसपा के राव साजिद भी भगवानपुर के सिकंदरपुर गांव के रहने वाले हैं। वह भी कलियर में अपना वोट अपने को नहीं डाल पाए। दूसरी बार बतौर निर्दलीय मैदान में किस्मत आजमा रहे शहजाद का भी वोट यहां नहीं था। उनका वोट भी मंगलौर विधानसभा क्षेत्र के लहबौली गांव में है। इसी सीट से उक्रांद के प्रत्याशी नितिन सैनी भी भगवानपुर विधानसभा क्षेत्र के अकबरपुर कालसो के रहने वाले हैं। वह भी कलियर में अपने लिए वोट नहीं दे पाए।
झबरेड़ा विधानसभा क्षेत्र के कांग्रेस प्रत्याशी राजपाल सिंह बेलड़ा गांव के हैं। यह गांव कलियर विधानसभा के अंतर्गत आता है। ऐसे में वह भी झबरेड़ा में अपने लिए वोट नहीं डाल पाए। यहीं से भाजपा के टिकट पर पहली बार चुनाव लड़ रहे देशराज कर्णवाल प्रीत विहार कालोनी रुड़की में रहते हैं। उनका वोट रुड़की विधानसभा में आता है। मंगलौर में भाजपा के ऋषिपाल बालियान और यूकेडी के लतैश चौधरी यूपी के रहने वाले हैं। इसलिए दोनों प्रत्याशी लोगों से वोट मांगते रहे, लेकिन खुद का वोट अपने को नहीं दे पाए। खानपुर के चुनावी दंगल में उतरे चौधरी यशवीर सिंह झबरेड़ा के रहने वाले हैं। उनका झबरेड़ा में वोट आता है। भगवानपुर विधानसभा क्षेत्र के रामकुमार राणा का वोट ज्वालापुर में है और सपा की प्रेमपति उत्तरकाशी जिले की रहने वाली हैं। वह भी अपना वोट अपने को नहीं दे पाए।