प्रदेश में लगातार बढ़ते कोरोना संक्रमण को देखते हुए नारसन बॉर्डर पर सख्ती बढ़ा दी गई है। किसी भी वाहन को बिना जांच के प्रदेश में दाखिल नहीं होने दिया जा रहा है। बृहस्पतिवार शाम तक करीब 2320 लोगों की कोरोना जांच की गई, जिनमें से 20 लोग संक्रमित मिले। इन लोगों को वाहनों समेत लौट दिया गया।
अभी तक केवल बाहरी राज्यों की गाड़ियों की चेकिंग की जा रही थी, लेकिन अब उत्तराखंड आने वाले सभी यात्रियों को कोविड-19 की निगेटिव रिपोर्ट या टीके की दोनों डोज का सर्टिफिकेट दिखाना अनिवार्य कर दिया गया। जिन लोगों के पास रिपोर्ट नहीं है, उनके लिए नासन बॉर्डर स्थित संयुक्त जांच चौकी पर कैंप लगाया गया है। यहां यात्रियों की निशुल्क कोरोना जांच की जा रही है। यात्रियों की संख्या को देखते हुए जांच केंद्र पर सात काउंटर खोले गए हैं। बृहस्पतिवार को भी बारिश के बीच यात्रियों की चेकिंग की गई। हालांकि, मौसम खराब होने के चलते सुबह यात्रियों की संख्या कम रही। बाद में धीरे-धीरे यात्री बढ़ने लगे। शाम तक बॉर्डर पर बाहरी राज्यों से आने वाले 2320 लोगों के कोरोना सैंपल लिए गए। रैपिड जांच में 20 लोग पॉजिटिव पाए गए।
ये लोग अपने परिजनों के साथ निजी वाहनों से आ रहे थे। संक्रमित लोगों को परिजनों के साथ लौटा दिया गया और संबंधित जिलों के अधिकारी को सूचना दे दी गई। वहीं, बृहस्पतिवार को नारसन ब्लॉक के पीआरडी कमांडर कृष्ण पाल ने बॉर्डर पहुंचकर निरीक्षण किया। उन्होंने पीआरडी जवानों से हर यात्री से कोरोना के नियमों का पालन करवाने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि जांच के लिए रुकने वाले वाहनों की व्यवस्थित पार्किंग करवाई जा रही है। 35 पीआरडी जवान लगाए गए हैं, जो तीन शिफ्ट में कार्य कर रहे हैं।