नारसन बॉर्डर पर चारधाम यात्रा के लिए बनाए जा रहे ग्रीनकार्ड में दलालों की ओर से यात्रियों से की जा रही अवैध वसूली के मामले में केस दर्ज करवाकर विभाग शांत बैठ गया है। विभाग की ओर से न तो जांच करवाई जा रही है और न ही अवैध वसूली को लेकर कोई कार्रवाई की जा रही है। विभाग बस लीपापोती में लगा हुआ है।
चारधाम यात्रा पर जाने वाले हर वाहन का ग्रीन कार्ड होना जरूरी है। हर यात्री का रजिस्ट्रेशन भी अनिवार्य है। हाल ही में बिना रजिस्ट्रेशन करवाए चारधाम यात्रा पर जा रहे बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं को लौटा दिया गया था। ये स्थिति तब है जब नारसन बॉर्डर पर ग्रीन कार्ड भी बनाए जा रहे हैं और रजिस्ट्रेशन भी किया जा रहा है। दो दिन पहले ही यहां पर ग्रीन कार्ड बनाने और रजिस्ट्रेशन करने के नाम पर अवैध वसूली का मामला सामने आया था। मामला सामने आने पर एआरटीओ प्रवर्तन की ओर से मंगलौर कोतवाली में अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज तो करवा दिया गया था लेकिन इसके आगे एआरटीओ विभाग की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की गई। विभाग की ओर से न तो कोई जांच टीम गठित की गई और न ही चेकिंग अभियान सख्ती से किया गया। दूसरे दिन भी पहले की तरह ही वाहन निकलते रहे। वहीं दूसरे दिन ये शिकायतें भी सामने आईं कि बॉर्डर पर बिना रजिस्ट्रेशन करवाए यात्रियों को पास करवाया जा रहा है। इसकी शिकायत भी कुछ लोगों ने विभाग से की लेकिन इस मामले में भी कोई कार्रवाई नहीं की गई। मामले में एआरटीओ एल्विन रॉक्सी ने बताया कि मामला संज्ञान में है। केस दर्ज करवा दिया गया है। पुलिस जांच कर रही है।