रुड़की। ईंट भट्ठे पर मुजफ्फरनगर के 40 लोगों से बंधुआ मजदूरी कराने का मामला पूरी तरह से झूठा निकला है। हाईकोर्ट के आदेश पर पुलिस ने भट्ठे पर जाकर छानबीन की तो मामला लेनदेन का निकला। इसके बाद पुलिस ने भट्ठे पर काम करने वाले सभी मजदूरों को घर भेज दिया है। साथ ही जांच रिपोर्ट हाईकोर्ट में देने की तैयारी शुरू कर दी है।
सिविल लाइंस कोतवाली क्षेत्र स्थित ढंडेरा में एक ईंट भट्ठे पर मुजफ्फरनगर के बसेड़ा गांव के 40 लोग मजदूरी करते थे। इन मजदूरों में शामिल एक महिला और उसके ससुर ने ईंट भट्ठा मालिक पर बंधुआ मजदूरी कराने का आरोप लगाया था। मामले की शिकायत पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ हाईकोर्ट में भी की गई थी। हाईकोर्ट ने मामले में संज्ञान लेते हुए पुलिस को जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने आदेश दिए थे। इस पर बुधवार को एसएसआई प्रदीप कुमार ईंट भट्ठे पर पहुंचे और मामले की जांच की। उन्होंने मजदूरों से पूछताछ की तो उन्होंने बंधुआ मजदूरी की बात से इनकार कर दिया।
पुलिस ने आरोप लगाने वाली महिला, उसके ससुर और ईंट भट्ठा मालिक से भी गहनता से पूछताछ की। इस दौरान पता चला कि महिला और उसके ससुर ने भट्ठा मालिक से मजदूरी के 5.93 लाख रुपये एडवांस में ले लिए थे। अब दोनों मालिक पर दबाव बना रहे थे कि उन्हें कहीं और काम मिल गया है और वे यहां काम नहीं करेंगे। मालिक ने अपनी रकम वापस मांगी तो दोनों ने बंधुआ मजदूरी की झूठी शिकायत कर दी। इस बीच मजदूरों ने पुलिस से घर लौटने की बात कही। कोतवाली प्रभारी राजेश साह ने बताया कि मजदूरों को ईंट भट्ठे पर बंधक बनाने का मामला झूठा पाया गया है। मजदूरों को उनकी मर्जी पर बुधवार रात घर भेज दिया गया।