रुड़की। एनएचएम कर्मियों की हड़ताल से रुड़की सिविल अस्पताल सहित अन्य स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो रही हैं। इसका सबसे अधिक असर सिविल अस्पताल की पैथोलॉजी सेवाएं और डीआईसी सेंटर पर पड़ रहा है। कार्यवाहक सीएमएस का कहना है कि उपलब्ध संसाधनों में बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं देने का प्रयास किया जा रहा है।
रुड़की सिविल अस्पताल में 20 से अधिक एनएचएम कर्मी सेवारत हैं। इसमें से अधिकतर डीआईसी सेंटर और पैथोलाजी में कार्यरत हैं। यही कारण है कि दोनों स्थानों पर एनएचएम की हड़ताल का सबसे अधिक असर पड़ रहा है। स्थिति यह है कि बीते रोज भगवानपुर क्षेत्र में स्वास्थ्य कैंप के कारण रुड़की सिविल अस्पताल के पैथोलाजी में ताला लगा रहा। यही नहीं अब पैथोलाजी का समय दोपहर डेढ़ बजे से घटाकर सुबह 11 बजे तक कर दिया गया है। ऐसे में देर से पहुंचने वाले मरीजों को बैरंग लौटना पड़ रहा है।
उनका ब्लड सैंपल भी नहीं लिया जा रहा है। इसके अलावा विशेष बच्चों के उपचार के लिए सिविल अस्पताल में बना डीआईसी सेंटर भी ठप पड़ा है। कारण है कि इसमें अधिकतर कर्मचारी एनएचएम के तहत ही नियुक्त हैं। बुधवार को एक ओर जहां एनएचएम कर्मियों की हड़ताल से सिविल अस्पताल सहित अन्य स्वास्थ्य केंद्रों पर सेवाएं प्रभावित हुईं। वहीं दूसरी ओर रुड़की से बड़ी संख्या में एनएचएम कर्मियों ने दून कूच किया। जहां एकत्रित होने के बाद उन्होंने सचिवालय का घेराव किया। गौरतलब है कि नियमितीकरण सहित विभिन्न मांगों को लेकर पिछले कई दिनों से एनएचएम कर्मी हड़ताल पर हैं।