जितेंद्र हत्याकांड की जांच अब एसएसपी के निर्देश पर ज्वालापुर कोतवाली से बदलकर लक्सर कोतवाली पुलिस को सौंपी गई है। मृतक के परिजनों ने आरोपियों पर जांच प्रभावित करने का अंदेशा जताते हुए एसएसपी से जांच अधिकारी बदलने की मांग की थी।
लक्सर क्षेत्र के सेठपुर गाव निवासी जितेंद्र (25) पुत्र मेघराज का शव 27 जुलाई को ज्वालापुर कोतवाली के सराये में पड़ा मिला था। जितेंद्र, सराये में ही अपने मामा के यहां रहकर काम धंधा करता था। उसके शरीर पर चोटों के काफी निशान थे। परिजनों ने ज्वालापुर कोतवाली में सराये निवासी जगपाल सिंह व उसके तीन पुत्र साहब सिंह, मनीष व अर्जुन के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था जिसमें से ज्वालापुर कोतवाली पुलिस जगपाल व साहब सिंह को गिरफ्तार करने में नाकामयाब रही है। वहीं मनीष व अर्जुन को पुलिस गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। जितेंद्र के परिजनों ने एसएसपी को पत्र देकर जांच लक्सर कोतवाली से कराने की मांग की थी।
परिजनों का कहना था कि आरोपी स्थायी होने के कारण जांच को प्रभावित कर सकते हैं जिसके बाद एसएसपी ने हत्या की जांच लक्सर कोतवाली को सौंप दी है। रविवार को जितेंद्र के परिजन कुछ ग्रामीणों के साथ लक्सर कोतवाली पहुंचे। ग्रामीणों ने एसएसआई जहांगीर अली से वार्ता करते हुए आरोपियों को जेल भेजने की मांग की है। एसएसआई जहांगीर अली ने इस मामले में कार्रवाई का आश्वासन दिया है। एसएसआई जहांगीर अली ने जांच लक्सर कोतवाली को सौंपे जाने की पुष्टि की है। इस दौरान जिला पंचायत सदस्य विजेंद्र सिंह, दीपक, मोनू, अनुज, शेषपाल, मेघराज, लक्ष्मण, बबलू, सन्नी, विजयपाल, गुलजार और सलीम आदि मौजूद रहे।