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युवक की मौत पर हंगामा, तनाव को देख पुलिस तैनात

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लंढौरा (रुड़की)। गाधारोणा गांव में दीपावली की रात पटाखे छोड़ने को लेकर हुई मारपीट में घायल युवक की मौत के बाद अब भी तनाव बना हुआ है। मामले में पुलिस ने आठ लोगों के खिलाफ हत्या, एससी एसटी और बलवा समेत अन्य धाराओं में केस दर्ज कर लिया है। वहीं, आरोपी घर से फरार हो गए हैं। पुलिस उनकी गिरफ्तारी के लिए संभावित स्थानों पर दबिश दे रही है। तनाव को देखते हुए गांव में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।
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मंगलौर कोतवाली क्षेत्र स्थित गाधारोणा गांव में दीपावली की रात एक पक्ष के लोग चौराहे पर पटाखे जला रहे थे। कुछ लोगों ने इसका विरोध किया तो दोनों पक्षों में मारपीट हो गई थी। इस दौरान एक पक्ष के अजय, रोहित, रगवेंद्र, समिता घायल हो गए थे। उन्हें सिविल अस्पताल में भर्ती कराया था। अजय की हालत गंभीर देख डॉक्टरों ने हायर सेंटर रेफर कर दिया था, जहां उसकी मौत हो गई थी। रविवार रात परिजनों को मौत की सूचना मिली तो गुस्सा फूट गया। मृतक पक्ष के लोग चौराहे पर जमा हो गए थे। यहां दोनों पक्षों में जमकर पथराव हुआ था। पुलिस ने मुश्किल से मामला शांत कराया था।
सोमवार को मृृतक के पिता ने पुलिस को तहरीर देकर आरोप लगाया कि पटाखे छोड़ने पर दूसरे पक्ष के लोगों ने बेटे के साथ गालीगलौज करते हुए जातिसूचक शब्दों का प्रयोग किया। साथ ही मारपीट कर दी थी, जिससे उसकी मौत हो गई। सीओ मंगलौर अभय प्रताप सिंह ने बताया कि तहरीर के आधार पर अनिल, अतुल, राहुल, मोहित, रोहित, आकाश, विकास और विशाल के खिलाफ हत्या, एससी एसटी, बलवा समेत अन्य धाराओं में केस दर्ज कर लिया है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम बनाई गई है, जो संभावित स्थानों पर दबिश दे रही है। जल्द ही आरोपियों की गिरफ्तारी की जाएगी।
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आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए हंगामा
गुस्साए मृतक पक्ष के लोग सोमवार को एक बार फिर सड़क पर उतर आए और आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर हंगामा किया। इस बीच पुलिस युवक का शव गांव लेकर पहुंची और लोगों को शांत किया। इसके बाद शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए सिविल अस्पताल भेज दिया। एसपी देहात एसके सिंह ने बताया कि दोनों पक्षों से शांति बनाने की अपील की गई है। विवाद करने पर कार्रवाई की जाएगी।
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पुलिस की मौजूदगी में अंतिम संस्कार
सिविल अस्पताल में पोस्टमार्टम के बाद पुलिस शव को लेकर गांव पहुंची। गांव में पहले से ही पुलिस तैनात रही। जैसे ही शव घर पहुंचा तो परिजन आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग पर अड़ गए। उनका कहना था कि अंतिम संस्कार तभी किया जाएगा, जब आरोपी गिरफ्तार हो जाएंगे। बाद में गांव वालों और पुलिस के समझाने पर वह अंतिम संस्कार करने के लिए राजी हुए। पुलिस की मौजूदगी में युवक का अंतिम संस्कार हुआ। पुलिस अधिकारियों ने परिजनों को आश्वासन दिया कि उनके साथ न्याय किया जाएगा।
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