काफी इंतजार के बाद करीब एक साल बाद हुई नगर निगम बोर्ड की दूसरी बैठक हंगामे की भेंट चढ़ गई। महज दस मिनट बाद ही पार्षदों ने सम्मान नहीं मिलने का आरोप लगाते हुए हंगामा कर बैठक बहिष्कार कर दिया और मेयर के खिलाफ नारेबाजी करते हुए बाहर जाकर प्रदर्शन करने लगे। इसके बाद पार्षदों ने तीन प्रस्ताव लिखकर नगर आयुक्त को सौंपे। इन तीनों प्रस्तावों को पास करने के अलावा अन्य तीन प्रस्ताव को स्थगित कर बोर्ड बैठक समाप्ति की घोषणा कर दी गई। ऐसे में एजेंडे में शामिल 124 प्रस्तावों पर कोई निर्णय नहीं हो सका। पार्षदों की नाराजगी के चलते बोर्ड बैठक के बजट का प्रस्ताव भी पास नहीं हो सका।
नगर निगम के कांप्लेक्स के मीटिंग हॉल में शुक्रवार सुबह करीब सवा ग्यारह बजे मेयर गौरव गोयल ने बोर्ड बैठक शुरू होने की घोषणा की। जैसे ही एजेंडे के प्रस्तावों को पढ़ना शुरू किया गया तो पार्षद राकेश गर्ग, विवेक चौधरी, नितिन त्यागी, शक्ति राणा, मनोज कुमार, चारु चंद्र, चंद्रप्रकाश बाटा, पंकज सतीजा और अनूप राणा आदि ने बैठने के उचित इंतजाम नहीं किए जाने को लेकर पार्षदों का अपमान करने का आरोप लगाया। साथ ही निगम की स्मारिका छपवाने में सलाह नहीं लिए जाने, निगम में काम कराने के लिए पार्षदों को तवज्जो नहीं दिए जाने और निगम में पार्षदों के बैठने की व्यवस्था नहीं होने के भी आरोप लगाए।
इसके बाद अन्य पार्षद भी विरोध में लामबंद हो गए और नारेबाजी करते हुए बैठक का बहिष्कार कर बाहर आ गए। यहां पार्षदों ने महज तीन प्रस्ताव पारित कराए जाने का निर्णय लिया। इसके बाद वहीं तीनों प्रस्ताव लिखकर नगर आयुक्त नूपुर वर्मा को सौंपे गए। इसके बाद पार्षद वापस बैठक में पहुंचे और तीनों प्रस्तावों को पास कर दिया गया। इसके अलावा तीन प्रस्तावों को स्थगित करने पर सहमति बनी। वहीं, 124 प्रस्तावों पर कोई निर्णय नहीं हो सका। अब जल्द ही तीसरी बैठक आयोजित कर प्रस्तावों पर निर्णय लिया जाएगा।
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नगर आयुक्त को दी बोर्ड बैठक की जिम्मेदारी
बोर्ड बैठक में महज तीन प्रस्ताव पास हुए हैं। इनमें प्रस्ताव संख्या 194 वार्ड नंबर 34 के पार्षद मोहसिन ने प्रस्तुत किया था, जिसे पार्षदों ने पारित कर दिया है। इसके तहत विधानसभा सत्र की तरह निगम बोर्ड बैठक वर्ष में तीन बार आयोजित किए जाने की मांग रखी गई थी। पार्षदों ने प्रस्ताव पर सहमति जताते हुए नगर आयुक्त को बोर्ड बैठक की तिथि निर्धारित करने की जिम्मेदारी सौंपी।
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निर्माण कार्यों के 1210 प्रस्तावों पर मुहर
बोर्ड बैठक में बिना किसी चर्चा के प्रस्ताव संख्या 146 को पास कर दिया गया। इसमें 40 वार्डों के पार्षदों ने 1210 सड़कों, नाली आदि के कार्य प्रस्तावित किए थे। सभी को पास कर दिया गया।
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चौक पर गोमाता और बछड़े की लगेगी मूर्ति
बोर्ड बैठक में मेयर की ओर से यूं तो 11 प्रस्ताव दिए गए थे, जबकि प्रस्ताव संख्या 74 में भी 34 अलग-अलग कार्यों को शामिल किया गया था। इनमें से प्रस्ताव संख्या 198 ही पारित हो सका। इसके तहत नगर निगम के सामने गंगनहर के घाट का नाम संत रविदास रखने पर सहमति बनी। इसी प्रस्ताव में शामिल चाव मंडी स्थित गोशाला तिराहे का नाम गोशाला चौक रखने, गोमाता व बछड़े की मूर्ति स्थापित कराने पर मुहर लगी।
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नगर निगम की खरीद के सभी प्रस्ताव स्थगित
बोर्ड बैठक में तीन प्रस्तावों को स्थगित किया गया है। इनमें प्रस्ताव संख्या 117 के अंतर्गत 57 क्षेत्रों से संबंधित उपकरणों आदि की खरीद का प्रस्ताव रखा गया था, जिसे पार्षदों ने स्थगित कर दिया। इसके अलावा प्रस्ताव संख्या 129 में नगर निगम के बजट को स्थगित करने के अलावा प्रस्ताव संख्या 141 में नगर निगम की दुकान के आवंटन के मामले में लाया गया प्रस्ताव भी स्थगित कर दिया गया।
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नामित सदस्यों ने नहीं किया बहिष्कार
नगर निगम की बोर्ड बैठक में निर्वाचित पार्षदों ने हंगामा करते हुए बैठक का बहिष्कार किया। वहीं, नामित पार्षद मीटिंग हॉल में ही बैठे रहे। उन्होंने कहा कि वे सरकार के चुने पार्षद हैं और सरकार के साथ हैं। इसलिए वह बोर्ड बैठक के साथ ही रहेंगे।
रुड़की नगर निगम में आयोजित बोर्ड की बैठक का बहिष्कार कर प्रदर्शन करती महिला पार्षद।- फोटो : ROORKEE