इंजीनियरिंग, प्रौद्योगिकी और विज्ञान के क्षेत्रों में योग्य एवं कुुशल लोगों को तैयार करने के लिए आईआईटी रुड़की ने सीएसआईआर-केंद्रीय सड़क अनुसंधान संस्थान (सीआरआरआई), नई दिल्ली के साथ एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए।
समझौते के अंतर्गत परिवहन इंजीनियरिंग, यातायात इंजीनियरिंग, परिवहन योजना, फुटपाथ डिजाइन और प्रदर्शन मूल्यांकन, पुल इंजीनियरिंग, भू-तकनीकी इंजीनियरिंग, पर्यावरण, सड़क सुरक्षा और परिवहन संबंधित क्षेत्रों पर विशेष जोर दिया जाएगा। समझौता ज्ञापन के अंतर्गत देश के भीतर सड़क और परिवहन क्षेत्र में योग्य एवं कुशल लोगों की उपलब्धता बढ़ाने के लिए सीएसआईआर-सीआरआरआई व आईआईटी-रुड़की मिलकर काम करेंगे। संस्थान निदेशक प्रो. अजीत के चतुर्वेदी और सीआरआरआई के निदेशक प्रो. सतीश चंद्र ने एमओयू पर हस्ताक्षर किए। एमओयू के अनुसार दोनों संस्थान मिलकर विभिन्न व्यवस्थाओं के माध्यम से दोनों संस्थानों के वैज्ञानिकों, शोध साथियों, संकाय सदस्यों और छात्रों के बीच बातचीत को प्रोत्साहित करेंगे।
प्रो. सतीश चंद्र ने कहा कि सीएसआईआर-सीआरआरआई सड़कों, पुलों, यातायात और परिवहन, जमीनी सुधार, भू-तकनीकी इंजीनियरिंग, ग्रामीण सड़कों, फुटपाथ डिजाइन, फुटपाथ प्रदर्शन और इसके मूल्यांकन, उपकरण, पर्यावरण व सड़क सुरक्षा के क्षेत्रों में अनुसंधान व विकास गतिविधियों में उल्लेखनीय काम करता है। एमओयू हस्ताक्षर से दोनों संस्थानों के सहयोग से सड़क और परिवहन क्षेत्र में अनुभवशील वैज्ञानिक इंजीनियर देश को मिल सकेंगे। इस मौके पर डीन एसआरआईसी प्रो. मनीष श्रीखंडे, सिविल इंजीनियरिंग विभागाध्यक्ष प्रो. संजय घोष एवं समूह समन्वयक, परिवहन इंजीनियरिंग प्रो. इंद्रजीत घोष मौजूद रहे।