रुड़की। जम्मू कश्मीर में अनुच्छेद 370 और 35ए हटने के बाद अपने बेटों से संपर्क न होने पर एक लाचार मां अल्लाह से उनकी सलामती की दुआ कर रही है। उनका कहना है कि जम्मू-कश्मीर में भले ही हालात सुधर गए हों, लेकिन उनका अभी भी अपने बेटों से संपर्क नहीं हो पाया है। बिजनौर की नूरा ने लक्सर में बेटी के घर पहुंचकर अपने दामाद के जरिए बेटों से संपर्क साधने की गुहार लगाई है। बेटों की खैर खबर न मिलने से मां का रो-रोकर बुरा हाल है।
जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 और 35ए हटाए जाने के बाद से हालात में सुधार आ रहा है, लेकिन अभी भी कई लोग ऐसे हैं, जिनका अपनी रिश्तेदारियों में संपर्क नहीं हो पा रहा है। जिससे यहां रह रहे लोगों को उनके साथ किसी अनहोनी का डर सता रहा है। अपने चार बेटों से संपर्क न होने पर बिजनौर के कोतवाली थाना क्षेत्र के सराय गांव निवासी नूरा ने भी लक्सर में अपनी बेटी के ससुराल पहुंचकर दामाद अबरार से गुहार लगाई है। नूरा के चार बेटे वारिस, जावेद, राशिद और मोहसिन जम्मू कश्मीर के कूकरबाग में पिछले आठ साल से सैलून का काम कर रहे हैं। नूरा ने बताया कि रोजी रोटी के लिए चारों बेटे आठ साल पहले जम्मू कश्मीर गए थे और वहां पर सैलून का काम करने लगे। चारों बेटों के साथ उनका परिवार भी रहता है। पिछले दिनों जम्मू कश्मीर में 370 और 35ए हटाए जाने के बाद से मोबाइल और डाक सेवाएं बंद कर दी गई। इसके चलते उनका बेटों से कोई संपर्क नहीं हो पाया।