भगवानपुर में हुए झगड़े के बाद दोनों पक्षों से वार्ता करती पुलिस।
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वेतन बढ़ाने की मांग को लेकर धरना दे रहे कर्मचारियों और फैक्टरी प्रबंधन के बीच नोकझोंक हो गई। आरोप है कि कर्मचारियों के पक्ष में पहुंचे भगवानपुर विधायक के बेटे ने फैक्टरी के अंदर घुसकर अधिकारियों से मारपीट करते हुए पिस्टल तान दी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और मामला शांत कराया। फैक्टरी प्रबंधन की ओर से विधायक के बेचे और आंदोलनकारी कर्मचारियों के खिलाफ तहरीर दी गई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
भगवानपुर औद्योगिक क्षेत्र में बाइक पार्ट्स बनाने वाली फैक्टरी है। वेतन बढ़ाने को लेकर फैक्टरी के पास ही कर्मचारी धरना दे रहे हैं। बुधवार को कर्मचारियों के पक्ष में विधायक ममता राकेश के बेटे अभिषेक राकेश धरनास्थल पर पहुंचे और वार्ता की। इसके बाद वह कर्मचारियों के साथ फैक्टरी के गेट पर पहुंचे और गेट खुलवाने का प्रयास किया। आरोप है कि गेट न खुलने पर विधायक के बेटे और कर्मचारी दीवार फांदकर फैक्टरी के अंदर घुस गए और अधिकारियों से अभद्रता करते हुए मारपीट कर दी।
साथ ही सीसीटीवी कैमरों में तोड़फोड़ कर दी। आरोप है कि विधायक के बेटे ने फैक्टरी के अधिकारियों पर पिस्टल तानते हुए जान से मारने की धमकी दी। सूचना मिलते ही एसओ पीडी भट्ट बड़ी संख्या में पुलिस बल के साथ फैक्टरी पहुंचे और दोनों पक्षों को शांत कराया। इसके बाद फैक्टरी के एचआर एवं एडमिन हेड एसएम पिल्लई ने थाने पहुंचकर विधायक के बेटे और कर्मचारियों के खिलाफ तहरीर दी। एसओ पीडी भट्ट ने बताया कि तहरीर के आधार पर जांच की जा रही है। जो भी सामने आएगा, उसी के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
मजदूरों ने समस्या बताई थी तो मेरे बेटे फैक्टरी में वार्ता करने गए थे। गेट खोलने की बात कही तो इनकार कर दिया। फैक्टरी के अधिकारी कानून का पालन नहीं करते हैं और मजदूरों का उत्पीड़न कर रहे हैं। जनता का प्रतिनिधि होने के नाते उनकी समस्याओं का हल कराना मेरा काम है। फैक्टरी के अधिकारियों के साथ कोई मारपीट नहीं की गई है और न ही पिस्टल नहीं ताना गया है। सभी आरोप निराधार हैं।
-ममता राकेश, विधायक, भगवानपुर