बड़ी वारदात को अंजाम देने के इरादे से निजी अस्पताल में घुसे बदमाशों ने अस्पताल संचालक से आमना-सामना होने पर उनपर हमला कर दिया। हमले में चिकित्सक गंभीर रूप से घायल हो गए। चिकित्सक की पत्नी के साथ भी मारपीट की गई। दपंती के शोर मचाने पर बदमाश मौके से भाग निकले। वारदात अस्पताल में लगे सीसीटीवी में कैद हो गई है।
नगर के रुड़की मार्ग पर कोतवाली तिराहे के पास ही डॉ. बाबूराम आर्य का आर्यन हॉस्पिटल है। अस्पताल की ऊपरी मंजिल पर उनका आवास है। सोमवार आधी रात के बाद दो हथियारबंद नकाबपोश बदमाश पीछे से सीढ़ी लगाकर अस्पताल की पहली मंजिल पर पहुंचे और सीढ़ियों के रास्ते भीतर दाखिल हो गए। काफी देर तक वह टोह लेने के इरादे से वहां अंधेरे में छिपे रहे। रात करीब तीन बजे वह बाहर निकले।
चिकित्सक ने बताया कि बदमाशों ने तमंचे की बट से उनके सिर पर हमला किया इसमें वह घायल हो गए। इसके बाद बंदूक और तमंचे से उन्हें आतंकित करते हुए बदमाश उनसे नकदी और जेवर के बारे में पूछने लगे। तभी उनकी पत्नी वहां आ गई बदमाशों ने उनकी पत्नी के साथ भी मारपीट की। उनके शोर मचाने पर घर में मौजूद परिजन दौड़ पड़े। इसपर बदमाश धमकी देते हुए वहां से भाग निकले।
चिकित्सक के बेटे डॉ. विकास आर्य ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस मौके पर पहुंची। पूरी घटना सीसीटीवी में कैद हो गई है। उपचार के बाद चिकित्सक ने पुलिस को तहरीर दी। लक्सर कोतवाली प्रभारी राजीव रौथाण ने बताया कि सीसीटीवी फुटेज से जानकारी जुटाई जा रही है। बदमाशों की तलाश की जा रही है।
बदमाशों को पहले से थी जानकारी, परिचित होने की आशंका
की बोर्ड से उतारी एक ही चाबी, रस्सी और सीढ़ी साथ लेकर आए बदमाश
संवाद न्यूज एजेंसी
लक्सर। निजी अस्पताल में घुसे बदमाशों का इरादा किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने का था। इसके लिए वह अस्पताल में घुसने के लिए नायलॉन की रस्सी और सीढ़ी साथ लेकर आए थे। अस्पताल में घुसने के बाद बदमाशों की गतिविधियों को देखने से लग रहा है कि या तो वो चिकित्सक के जानकार हैं या अस्पताल की अच्छे से रेकी की होगी।
सीढ़ी लगाकर छत के रास्ते अस्पताल में दाखिल होने के बाद दोनों बदमाश करीब एक घंटे तक अंधेरे में छिपे रहे। बताया गया कि बदमाशों के पहली मंजिल पर पहुंचने के दौरान अस्पताल में कुछ लोग एक मरीज को इमरजेंसी में लेकर पहुंचे थे। लिहाजा उन्होंने इंतजार किया। इसके बाद वह रिसेप्शन के पास पहुंचे और यहां लगे की बोर्ड से केवल एक ही चाबी निकाली।
इसी दौरान उनका चिकित्सक के साथ आमना-सामना हो गया और शोर मचने पर उन्हें भागना पड़ा। बदमाशों का सीसीटीवी से बचने के लिए कपड़े से मुंह को पूरी तरह से छिपाकर आना, की बोर्ड से एक ही चाबी निकालना, रास्तों का पता होना। इन सबसे संभावना जताई जा रही है कि आरोपी पहले से ही अस्पताल के बारे में अच्छी तरह से जानते थे।
वह लूट की बड़ी वारदात को अंजाम देने के इरादे से यहां पहुंचे थे लेकिन अपने मंसूबों में कामयाब नहीं हो सके। वहीं, कोतवाली से कुछ दूरी पर ही वारदात होने से पुलिस पर भी सवाल उठे हैं। नगर के चिकित्सकों ने अस्पताल पहुंचकर घटना की जानकारी लेने के बाद कोतवाली में पुलिस अधिकारियों से मुलाकात की और घटना के शीघ्र खुलासे का अनुरोध किया।