लक्सर। मुख्यमंत्री अल्पसंख्यक मेधावी बालिका प्रोत्साहन योजना के तहत मिलने वाली दस हजार रुपये की छात्रवृत्ति लेने के लिए फर्जी मार्कशीट लगाकर आवेदन कर दिया गया। ऐसे 15 मामले पकड़ में आए। फर्जीवाड़े के शक पर मुख्य शिक्षा अधिकारी (सीईओ) के जांच कराने पर गड़बड़ी उजागर हुई। खंड शिक्षा अधिकारी ने जांच रिपोर्ट सीईओ को दे दी है।
प्रदेश सरकार की ओर से संचालित मुख्यमंत्री अल्पसंख्यक मेधावी बालिका प्रोत्साहन योजना के तहत हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षा 70 फीसदी से अधिक अंकों के साथ पास करने वालीं अल्पसंख्यक समुदाय की छात्राओं को दस हजार रुपये की छात्रवृत्ति दी जाती है।
शिक्षा विभाग ने वर्ष 2019-20 में हाईस्कूल और इंटरमीडिएट पास करने वाली ऐसी छात्राओं से योजना के तहत आवेदन की मांग की थी। लेकिन छात्रवृत्ति को मंजूरी देने से पहले सीईओ को सुल्तानपुर क्षेत्र की छात्राओं के कुल 17 आवेदनों पर शक हुआ।
उन्होंने लक्सर खंड शिक्षा अधिकारी को इनकी जांच करने के आदेश दिए। इन आवेदनों में दो छात्राओं के दस्तावेज हरि ओम सरस्वती इंटर कॉलेज, धनोरी के थे, जबकि 15 स्थानीय आवेदन थे। इन सभी आवेदनों की जांच पड़ताल की गई, जिसके बाद मामला साफ हो गया।
यह सामने आई गड़बड़ी
पिछले साल के बोर्ड परीक्षा के गजट से जब मार्कशीट का मिलान किया गया तो इनमें से 14 छात्राओं के अंक 70 फीसदी से कम थे, लेकिन उन्होंने मार्कशीट में गड़बड़ी करके ज्यादा अंक दर्शा दिए। जबकि एक छात्रा ने 2018 की मार्कशीट में वर्ष बदलकर 2019 किया था।
मामले में जांच रिपोर्ट सीईओ को भेजी है। इसके बाद जो भी आदेश मिलेंगे, उसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
अंबिका राम आर्य, बीईओ