पिरान कलियर। ज्वांइट मजिस्ट्रेट के निर्देश पर अपर तहसीलदार सुरेश पाल सैनी ने दरगाह प्रबंधक के कमरे में रखी अलमारी का ताला खोला। अलमारी से कई नोटों की चादरें, माला दरगाह से जुड़ीं फाइलें, चांदी के आभूषण, विदेशी मुद्रा की चादर सहित अन्य सामान निकला है। इसकी वीडियोग्राफी और लिस्ट बनाकर फिर से अलमारी में ताला लगा दिया गया।
गौरतलब है कि तत्कालीन कलियर दरगाह प्रबंधक मोहम्मद हारून को देहरादून विजिलेंस की टीम ने नौ जून को सुपरवाइजर से रिश्वत लेते रंगेहाथ गिरफ्तार किया था। उसके बाद दरगाह प्रबंधक मोहम्मद हारून को जेल भेज दिया गया था और दरगाह प्रबंधक के कमरे को बंद कर दिया गया था। मंगलवार को ज्वाइंट मजिस्ट्रेट अपूर्वा पांडेय के निर्देश पर अपर तहसीलदार सुरेश पाल सैनी दरगाह कार्यालय पहुंचे। अलमारी लॉक होने और उसकी चाबी नहीं होने के कारण दूसरी चाबी बनाने वाले कारीगर को मौके पर बुलाया गया। अलमारी का लॉक तोड़कर अलमारी को खोला गया। अपर तहसीलदार सुरेश पाल सैनी को अलमारी से 5,10 और 20 के नोटों की दो चादरें, एक कपड़े की चादर पर 10-10 के नोट लगे हुए और एक विदेशी मुद्रा के नोटों की माला, 10 और 20 के नोटों की चार माला, एक मोतियों का सेहरा, दो पगड़ी और चांदी की दो प्लेट, एक कड़ा, दो अंगूठी, चार छल्ले सहित दरगाह से जुड़ी कुछ फाइलें मिली हैं। सभी की लिस्ट बनाकर वीडियोग्राफी की गई है। लेखाकार की मौजूदगी में कमरे और अलमारी का ताला लगा दिया गया है। उन्होंने बताया कि दरगाह के भर चुके दानपत्रों की गिनती की भी तैयारी की जा रही है। इस दौरान कार्यवाहक दरगाह प्रबंधक शफीक अहमद, सुपरवाइजर राव सिंकदर और इंतखाब आलम आदि कर्मचारी मौजूद रहे।