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Roorkee News: ज्वलनशील पदार्थ उड़ेलकर कोतवाली पहुंचा व्यक्ति

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30 लाख के लेनदेन के विवाद में ज्वलनशील पदार्थ उड़ेलकर कोतवाली पहुंचे एक ने खुद को आग लगा ली। उसके अचानक आग की लपटों में घिर जाने पर कोतवाली में मौजूद पुलिसकर्मियों में हड़कंप मच गया। पुलिसकर्मियों ने उसके ऊपर कंबल डालकर आग बुझाई। 60 फीसदी से अधिक झुलसी अवस्था में उसे लक्सर सीएचसी लाया गया। वहां प्राथमिकी उपचार के बाद उसकी गंभीर हालत को देखते हुए उसे एम्स ऋषिकेश रेफर कर दिया गया।
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घटना मंगलवार शाम 5:30 बजे हुई। पुलिस के अनुसार कोतवाली क्षेत्र के मुंडाखेड़ा खुर्द गांव निवासी नारायण उर्फ नीटू बाइक लेकर कोतवाली पहुंचा। कोतवाली गेट को पार कर उसने बाईं ओर बाइक खड़ी की। बताया गया कि उसने अपने शरीर और कपड़ों पर पहले ही कोई ज्वलनशील पदार्थ उड़ेला हुआ था।

बाइक से उतरते ही नारायण ने माचिस जलाकर स्वयं को आग लगा ली। पलभर में ही वह लपटों से घिर गया। कोतवाली में आग की लपटों में घिरे व्यक्ति को देख यहां मौजूद पुलिसकर्मियों में हड़कंप मच गया। कार्यालय के पास मौजूद कांस्टेबल मनोज मलिक और अरविंद रावत उधर दौड़े। उन्होंने हवालाती कंबल डालकर आग को बुझाया।
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इसके बाद तत्काल उसे लक्सर सीएचसी ले जाया गया। वहां उसे प्राथमिक उपचार दिया गया। तहसीलदार दीवान सिंह राणा और कोतवाली प्रभारी प्रवीण सिंह कोश्यारी ने नारायण के बयान दर्ज किए। उसके परिजन भी अस्पताल पहुंच गए। इस दौरान उसने रिश्तेदार के साथ 30 लाख के लेनदेन का विवाद होने और उसके पैसे वापस नहीं किए जाने की बात कही। इसी से आहत होकर उसने स्वयं को आग लगाने की बात कही। बयान दर्ज करने के बाद गंभीर हालत में उसे एम्स ऋषिकेश रेफर कर दिया गया।

जा कहीं जाकर मर जा...अपनों के शब्द सुनकर खोया आपा

30 लाख की रकम के लेनदेन और भूमि से जुड़ा है मामला

राजीव नामदेव

लक्सर। जा कहीं जाकर मर जा...भूमि और पैसों के लेनदेन के विवाद के चलते मानसिक तौर पर पहले से परेशान नारायण को अपनों के ही इन शब्दों ने इस कदर आहत किया कि वह अपना आपा खो बैठा और स्वयं पर डीजल छिड़ककर कोतवाली पहुंच गया।

आवेश में आकर उसने स्वयं को आग लगाकर अपनी देहलीला समाप्त करने का प्रयास किया। चिकित्सक के अनुसार, वह 60 फीसदी से अधिक झुलस चुका था। पुलिसकर्मी ने तत्परता दिखाते हुए समय रहते आग न बुझाते तो किसी अनहोनी से भी इन्कार नहीं किया जा सकता था।
नारायण को लक्सर सीएचसी ले जाए जाने पर तहसीलदार दीवान सिंह राणा ने उसके बयान दर्ज किए। बताया गया कि नारायण का पारिवारिक रिश्तेदारों के साथ जमीन की खरीद को लेकर विवाद है। नारायण के अनुसार उसने अपने रिश्तेदार को 30 लाख की रकम दी थी। जमीन की रजिस्ट्री उसके नाम नहीं की जा रही थी।
रकम फंसी होने और जमीन भी नहीं मिलने के कारण वह मानसिक तौर पर परेशान चल रहा था। बताया गया कि मामले को सुलझाने के लिए पंचायत भी हुई थी। इस दौरान उसने जमीन देने व उसके पैसे वापस करने की बात कही थी। इसमें भी कोई हल नहीं निकल सका। इसी दौरान उसके रिश्तेदार ने उसे कहा कि जा कहीं जाकर मर जा...।

पहले ही मानसिक तौर पर परेशान होने के बाद वह इतना सुनकर अपना आपा खो बैठा और स्वयं को ज्वलनशील पदार्थ उड़ेलकर कोतवाली पहुंचकर आग के हवाले कर दिया। नारायण ने रिश्तेदार सहित दो व्यक्तियों के नाम पुलिस को बताए हैं। नारायण के परिवार में पत्नी और तीन बच्चे हैं। इनमें एक बेटा और एक बेटी की शादी हो चुकी है। नारायण के तीन भाई हैं। घटना से उसके परिजन भी स्तब्ध हैं।
पुलिस से नहीं की गई थी शिकायत
भूमि और पैसों के विवाद में नारायण ने पुलिस को कोई शिकायत नहीं की थी। तहसीलदार और पुलिस अधिकारियों के समक्ष अपने बयान में उसने पुलिस को शिकायत नहीं किए जाने की बात कही। मामले को परिजन और परिचितों की मदद से ही सुलझाने का प्रयास किया जा रहा था। बताया जा रहा है कि आत्मदाह से मामले में कार्रवाई की उम्मीद या अत्यधिक आवेश में उसने यह कदम उठाया।
प्रथम दृष्टया भूमि को लेकर करीबी रिश्तेदारों के साथ पैसों के लेनदेन को लेकर विवाद का मामला सामने आया है। मामले की जांच की जा रही है। जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी। -देवेंद्र सिंह नेगी, सीओ लक्सर
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