उत्तराखंड ज्योतिष परिषद एवं अंतर्राष्ट्रीय वास्तु एसोसिएशन की ओर से 27वां अखिल भारतीय ज्योतिष सम्मेलन में मुख्य अतिथि एवं सर्व ब्राह्मण महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष चंद्रप्रकाश गुसाईं ने कहा कि ज्योतिष न केवल भूत, वर्तमान और भविष्य को जनाने का विज्ञान है बल्कि यह भविष्य जानने की उत्कंठा का भी विषय है।
साकेत स्थित अग्रवाल धर्मशाला में आयोजित सम्मेलन में देश भर से आए सौ से अधिक ज्योतिष विद्वानों ने देश के भविष्य पर चिंतन, गो-गंगा एवं भारत माता की रक्षा के साथ ही विभिन्न विषयों पर मंथन किया। सम्मेलन के आयोजक एवं ज्योतिषाचार्य पंडित रमेश सेमवाल ने ज्योतिष को आमजन तक पहुंचाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि वर्तमान में ज्योतिषाचार्यों को अपनी पहचान बनाने के लिए टीवी, शिविर और कांफ्रेंस आदि का सहारा लेना पड़ रहा है। जिसके चलते देश में ज्योतिष का स्तर कम होता जा रहा है। उन्होंने कहा कि ज्योतिष का सीधा संबंध उस आत्मज्ञान से भी है। जो यह बोध भूत, भविष्य और वर्तमान का ज्ञान करा मनुष्य को आध्यात्मिक मार्ग की ओर अग्रसर करता है। इस मौके पर सौ से अधिक ज्योतिष विद्वानों को स्मृति चिह्न एवं स्मृति पत्र भेंटकर सम्मानित किया गया। सम्मेलन में जाने-माने ज्योतिषाचार्य पं. लेखराज शर्मा, सुभेष शर्मा, अभिमन्यु, रमेश द्विवेदी, सुमेश बर्मन, अभिषेक जोशी, निरंजन भट्ट, डा. संजीव अग्रवाल, प्रशांत चतुर्वेदी आदि ने भी विचार रखे।