हत्या की वारदात को अंजाम देने के बाद मामले में दोषसिद्ध करार दिए जाने के बाद से मार्च 2015 से फरार चल रहे एक व्यक्ति को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। एसओजी और कलियर पुलिस की संयुक्त कार्रवाई के बाद उसे गंगनहर थानाक्षेत्र के कृष्णानगर से दबोच लिया।
वर्ष 1991 में खेत की मेड़ को लेकर हुए विवाद में जितेंद्र सैनी, कुंवरपाल सैनी, सुरेंद्र सैनी, अतर सिंह सैनी निवासी मोहम्मदपुर पांडा ने फावड़े से हमलाकर मेहवड़खुर्द निवासी रणजीत की हत्या कर दी थी। मामले में पिरान कलियर थाने में अभियोग पंजीकृत किया गया था। इसमें चारों आरोपियों को नामजद किया गया था। पुलिस ने कंवरपाल, सुरेंद्र और अतर सिंह को गिरफ्तार कर लिया था। जबकि जितेंद्र ने सरेंडर कर दिया था। 19 अप्रैल 1991 को तीन माह बाद जितेंद्र जमानत पर बाहर आ गया था।
21 मई 1996 को सेशन कोर्ट से उम्रकैद की सजा सुनाए जाने पर उसे कोर्ट रूम से हिरासत में लिया गया। इसमें हाईकोर्ट से उसने जमानत ली और सेशन कोर्ट के फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट में अपील की। 13 अगस्त 2009 को हाईकोर्ट ने सजा बरकरार रखते हुए उक्त अभियुक्त की अपील खारिज की। इसके उपरांत 20 जनवरी 2010 को अभियुक्त जितेंद्र ने आत्म समर्पण किया। उसके बाद वह अप्रैल 2010 में जमानत पर बाहर आया। फिर हाईकोर्ट से दोषसिद्धि के विरुद्ध सुप्रीम कोर्ट में अपील की। लेकिन, दिसंबर 2014 में सुप्रीम कोर्ट ने सजा बरकरार रखते हुए अभियुक्त की अपील खारिज की। मार्च 2015 में उक्त अभियुक्त के विरुद्ध वारंट जारी हुआ। लेकिन, अभियुक्त जितेंद्र सैनी तभी से फरार था। 22 जनवरी 2017 को उक्त अभियुक्त को एसओजी और थाना पिरान कलियर की संयुक्त पुलिस टीम ने कृष्णा नगर थाना गंगनहर से गिरफ्तार कर लिया। मालूम हो कि जितेंद्र सैनी पूर्व में सहकारी समिति का चेयरमैन रहा है। फिलहाल उसकी पत्नी सहकारी समिति की चेयरमैन हैं। कार्रवाई करने वाली पुलिस टीम में थानाध्यक्ष पिरान कलियर मोहन सिंह, एसओजी प्रभारी रुड़की रणवीर चौहान, कांस्टेबल महिपाल, कांस्टेबल दिनेश चौहान, कांस्टेबल रविंद्र खत्री, कांस्टेबल राजेश देवरानी, कांस्टेबल अशोक पाल, कांस्टेबल जाकिर हुसैन आदि शामिल थे। एसएसपी ने टीम को ढाई हजार रुपये इनाम देने की घोषणा की है।