फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सवाल उठे तो लिया सबक, बॉर्डर पर सफाई हुई चकाचक

विज्ञापन
नारसन बार्डर पर मंगलौर नगर पालिका द्वारा भेजा गया पोर्टेबल शौचालय। - फोटो : ROORKEE
विज्ञापन
आखिरकार नारसन बॉर्डर पर सफाई व्यवस्था को लेकर प्रशासन हरकत में आ गया है। ज्वाइंट मजिस्ट्रेट के आदेश पर नगर पालिका मंगलौर के अधिकारियों ने मंगलवार को यात्रियों की सुविधा के लिए एक पोर्टेबल शौचालय स्थापित कराया।
विज्ञापन

नारसन बॉर्डर पर रोजाना हजारों की संख्या में बाहरी राज्यों से लोग आते हैं। वहां पर उन्हें रोककर कोरोना की जांच की जा रही है। कोरोना जांच के बाद ही उन्हें प्रवेश दिया जा रहा है लेकिन यहां पर साफ-सफाई की हालत बदतर थी। इससे कोरोना की जांच कराने वाले यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। यात्रियों की समस्याओं को लेकर अमर उजाला ने सफाई व्यवस्था की पोल खोलते हुए बुधवार के अंक में ‘कोरोना जांच तो सही पर गंदगी बर्दाश्त नहीं’ शीर्षक से खबर प्रकाशित की थी। खबर प्रकाशित होते ही बुधवार को ज्वाइंट मजिस्ट्रेट अंशुल सिंह के आदेश पर नगर पालिका मंगलौर के अधिकारी हरकत में आए। उन्होंने सुबह ही बॉर्डर पर साफ-सफाई के लिए कर्मचारियों को भेजा। साथ ही एक छह सीट वाला पोर्टेबल शौचालय भी यात्रियों की सुविधा के लिए लगाया गया है। वहीं, साफ सफाई होने से यात्रियों के साथ जांच में लगे कर्मचारियों को भी राहत मिली है। नगर पालिका के सेनेटरी इंस्पेक्टर आदेश कुमार का कहना है कि बॉर्डर पर सफाई के लिए कर्मचारियों को लगाया गया है। साथ ही पोर्टेबल शौचालय लगाया है। अब रोजाना सफाई कराई जाएगी। ईओ विजय प्रताप सिंह चौहान ने बताया कि ज्वाइंट मजिस्ट्रेट की ओर से मिले दिशा निर्देश पर बॉर्डर पर साफ-सफाई के सभी इंतजाम कराए जा रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें