वार्ड नंबर-4 खंजरपुर में भंगेड़ी तिराहे से कब्रिस्तान तक 8 स्ट्रीट लाइटें बंद, रात 8 बजे के बाद रास्ता सुनसान
सड़क पर अंधेरा होने पर अक्सर लंबी दूरी तय करने के बाद घर पहुंचते हैं लोग
रुड़की। केंद्रीय विद्यालय रोड पर स्ट्रीट लाइटें लंबे समय से बंद होने के कारण क्षेत्र में अंधेरा पसरा हुआ है, जिससे स्थानीय लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। शाम ढलते ही लोग इस मार्ग पर टहलने निकलते हैं, लेकिन रात बढ़ते ही स्थिति असुरक्षित और दहशत से भरी हो जाती है।
स्थानीय निवासियों के अनुसार रात 8 बजे के बाद इस मार्ग से गुजरना मुश्किल हो जाता है। वाहनों की रोशनी भी पर्याप्त नहीं होती, जिससे सड़क पर दृश्यता बेहद कम हो जाती है। इसके कारण भंगेड़ी और आसपास के क्षेत्रों की ओर जाने वाले लोग मजबूरी में लंबा वैकल्पिक रास्ता अपनाते हैं, जिससे समय और ईंधन दोनों का अतिरिक्त खर्च बढ़ रहा है। वार्ड नंबर-4 खंजरपुर में स्थिति और गंभीर है। भंगेड़ी गांव के तिराहे से लेकर कब्रिस्तान तक सड़क किनारे लगी करीब 8 स्ट्रीट लाइटें लंबे समय से बंद पड़ी हैं और केवल शोपीस बनकर रह गई हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बार शिकायत के बावजूद जिम्मेदार विभाग ने समस्या पर कोई ध्यान नहीं दिया है। रात के समय यह पूरा मार्ग पूरी तरह सुनसान हो जाता है, जिससे महिलाओं, बच्चों, छात्राओं और बुजुर्गों में असुरक्षा की भावना बढ़ गई है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से जल्द स्ट्रीट लाइट व्यवस्था दुरुस्त करने और क्षेत्र में पर्याप्त रोशनी बहाल करने की मांग की है।
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मेन रोड पर हो रहे बड़े गड्ढे
- वार्ड के कुछ रास्तों की व्यवस्था भी ठीक नहीं है। खंजरपुर की मेन रोड पर कई बड़े गड्ढे हो रहे हैं। जिससे वाहन चालक अपना संतुलन खोकर दुर्घटना होने से भी बाल-बाल बचे हैं। कुछ अंदरूनी ब्रेकर भी टूटे हैं।
नल नहीं चलने से राहगीर परेशान
- खंजरपुर रोड से दिनभर में करीब 10 हजार से ज्यादा लोगों को आना-जाना लगा रहता है। यहां लोकेश टेलर के पास लगा नल रविवार को चालू नहीं मिला। पानी की व्यवस्था नहीं होने से राहगीरों को समय और जरूरत के मुताबिक पानी नहीं मिल पा रहा है।
अंधेरा होने के बाद रास्ते में असामाजिक तत्वों का अक्सर जमावड़ा लग जाता है, जिससे हमेशा अनहोनी का डर बना रहता है। रास्ते से वार्ड के भीतर व अन्य कई कॉलोनी में जाने के रास्ते हैं। लेकिन पथ प्रकाश की व्यवस्था न होने पर लोगों को लंबा चक्कर लगाकर अपने घर जाना पड़ता है।
फरजान
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शाम में कई लोगों के बच्चों को ट्यूशन से लाने और ले जाने में काफी परेशानी होती है। कई बार मोबाइल की टॉर्च जलाकर रास्ता पार करना पड़ता है। जनप्रतिनिधि और नगर निगम को सुरक्षा और शांति व्यवस्था को लेकर भी ध्यान देना चाहिए। समय रहते समस्या का समाधान नहीं हो पाया तो कोई बड़ी घटना भी हो सकती है।
हाजी नूर अहमद
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पहले लोग रात के खाने के बाद सड़क पर टहलने निकलते थे, लेकिन अब अंधेरे के कारण लोग घरों में कैद रहने को मजबूर हैं। जनप्रतिनिधि को खराब स्ट्रीट लाइटें ठीक कराने और पूरे मार्ग पर पर्याप्त पथ प्रकाश व्यवस्था करने की मांग लोगों की है, ताकि लोगों को भय और असुविधा से राहत मिल सके। वह खुद अपना काम पूरा रोज अपने घर की ओर अंधेरे से होकर बड़ी मुश्किल से गुजरते हैं।
इसरार
कब्रिस्तान वाले रास्ते पर इतना अंधेरा रहता है कि अकेले गुजरने में डर लगता है। कई बार बाइक सवार भी गड्ढों में गिर चुके हैं। स्ट्रीट लाइट व्यवस्था दुरुस्त न होने से आमजन की सुरक्षा खतरे में पड़ गई है।