मानसून के इस सीजन में हाईवे पर बगीचे से तोड़े गए ताजे ताजे आम और जामुन का स्वाद मिल जाए तो सफर का मजा दोगुना हो जाता है। जी हां! हाईवे से लेकर मुख्य मार्गों पर यह नजारा इन दिनों आम है। सड़कों पर दूर-दूर तक फलों की मंडियां सज रही हैं। शहरवासी और मुसाफिर वाहनों से उतरकर सस्ते और ताजे फलों का लुत्फ उठा रहे हैं।
इन दिनों आम, जामुन, लीची और कई पहाड़ी फलों का सीजन चल रहा है। रुड़की-हरिद्वार, रुड़की-नारसन, रुड़की-लक्सर, रुड़की-देहरादून हाई समेत संपर्क मार्गों पर जहां-तहां फलों की दुकानें सज रही हैं। यहां बड़ी मात्रा में आम, लीची, जामुन, अमरूद समेत कई तरह के रंग बिरंगे पहाड़ी फल बिक रहे हैं। सड़कों से गुजरने वाले लोग ताजे फल देखकर वाहन रोकने को मजबूर हो जाते हैं। रुड़की-नारसन हाईवे पर फलों की दुकान लगाने वाले बागवान फुरकान बताते हैं कि उनका करीब दस बीघा का बाग हाईवे पर है। बाग की रखवाली के साथ ही वह हाईवे पर आम बेच रहे हैं। बड़ी संख्या में ग्राहक इनके बाग में पेड़ों पर पके स्वादिष्ट आम का स्वाद चख रहे हैं।
कारण, यहां पर ग्राहकों को बाजार से सस्ते दाम पर ताजा आम मिल जाता है। बाग के पास ही दुकान लगाने का फायदा फुरकान को भी मिल रहा है। क्योंकि, बीच के आढ़तियों और ट्रांसपोर्ट आदि का खर्च बच जाता है। ग्राहकों को बाजार से सस्ते भाव में फल देकर भी उनको अपेक्षाकृत ज्यादा मुनाफा मिल जाता है। इसी तरह रुड़की-हरिद्वार हाईवे पर फलों की दुकान लगाने वाले रईस अहमद ने बताया कि वह आम और अमरूद थोक रेट पर बाग में ही खरीद लेते हैं। इसके बाद रोजोना जितनी बिक्री होती है, उतने ही फल तोड़े जाते हैं। ये फल ग्राहकों को भी पसंद आते हैं, क्योंकि बाजार में मिलने वाले फल महंगे होने के साथ कई दिन पुराने भी होते हैं। सामान्य तौर पर 50 से 70 रुपये किलो तक बाजार में बिकने वाला आम यहां 30 से 35 रुपये प्रति किलो के हिसाब से बेचा जा रहा है।
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सैर सपाटे के साथ आम पार्टी
हाईवे पर जगह-जगह आम की दुकानें सजाई गई हैं। शाम के समय शहरवासी सड़कों पर सैर के लिए निकल जाते हैं। इसके साथ ही सड़क पर लगी दुकानों पर आम पार्टी का लुत्फ उठाते है। विपिन, रवि आदि का कहना है कि सैर के साथ ही आम पार्टी का अलग ही आनंद है। सड़क पर सस्ता और ताजा आम मिल जाता है।