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Iऊर्जा निगम ने अधिशासी अभियंता के नेतृत्व में टीम का गठन कर नियमित मांगी रिपोर्टI
Iअब ऊर्जा निगम की हाईटेंशन लाइन पर नजर डालने वालों को ट्रेस और पकड़ने का जिम्मा ऊर्जा निगम की एक अलग यूनिट को सौंपा जाएगा। निगम के अवर अभियंता और लाइनमैनों को मिलाकर पांच सदस्यों की एक टीम बनेगी। यह टीम नियमित अपने डिवीजन में पेट्रोलिंग कर हाईटेंशन लाइन की मॉनीटरिंग कर अधिकारियों को रिपोर्ट सौंपेगी।I
Iऊर्जा निगम की हाईटेंशन लाइन चोरों के रडार पर है। भगवानपुर और रुड़की में दो मामले प्रकाश में आए थे। इनमें ऊर्जा निगम की हाईटेंशन लाइनों को काटकर बेचने की तैयारी थी। गनीमत रही कि चोरों को रंगे हाथ पकड़ लिया गया। उन्होंने बताया कि वह ऊर्जा निगम के उपकरणों को चोरी करने वाले गिरोह से जुड़े हैं। उन्होंने अब हाईटेंशन लाइन को चोरी करने की योजना बनाई है।
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Iअब इन गिरोह पर शिकंजा कसने के लिए ऊर्जा निगम ने भी तैयारी की है। रुड़की विद्युत वितरण मंडल में शहर और देहात डिवीजन में हाईटेंशन लाइन कई किलोमीटर तक फैली है। इसकी रखवाली के लिए अब ऊर्जा निगम ने अवर अभियंता और लाइनमैनों के पांच सदस्यों को जोड़कर एक टीम बनाई जा रही है। यह टीम नियमित एक इलाके में हाईटेंशन लाइन की पेट्रोलिंग कर रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को सौंपेगी।I
Iअधीक्षण अभियंता अमित कुमार शर्मा ने बताया कि ऊर्जा निगम ने अपनी संपत्ति की रक्षा करने के लिए मॉनिटरिंग और पेट्रोलिंग करने की योजना तैयार की है। पांच सदस्यों को मिलाकर एक टीम बनाई जा रही है जो नियमित अपने विभिन्न इलाकों में लगे ट्रांसफार्मर और हाईटेंशन लाइन की निगरानी करेगी। उन्होंने आमजन से भी निगम की संपत्ति की सुरक्षा करने और नजर रखने का आह्वान किया है।
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Iकहा कि यदि उन्हें कोई भी संदिग्ध या गड़बड़ी दिखती है तो तुरंत अधिशासी अभियंता, उपखंड अधिकारी अवर अभियंता या लाइनमैनों को सूचित करें। सूचना देने वालों के नाम-पते गुप्त रखे जाएंगे। संभव हो सका तो उन्हें सम्मानित भी किया जा सकता है। बता दें कि रुड़की विद्युत वितरण मंडल में चार डिवीजन हैं। इनमें रामनगर के अधिशासी अभियंता अमित कुमार सैनी, नगरीय डिवीजन के अनिल कुमार मिश्रा, भगवानपुर डिवीजन के आशुतोष तिवारी और रुड़की ग्रामीण डिवीजन के विनोद पांडेय वर्तमान में अधिशासी अभियंता हैं।I
Iपहले ट्रांसफार्मर अब हाईटेंशन पर धावा
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Iऊर्जा निगम के उपकरण हमेशा से चोरों के निशाने पर रहे हैं। सालों से ऊर्जा निगम के ट्रांसफार्मर चोरों के लिए सॉफ्टवेयर रहे हैं। इनमें शहर और देहात के कई ट्रांसफार्मर शामिल हैं जो पूर्व में चोरी हुए हैं। ट्रांसफार्मर का तेल, वह अन्य कीमती उपकरणों को चोरी किया जाता रहा है लेकिन अब चोरों ने केवि केबल पर धावा बोलना शुरू कर दिया है।I