रुड़की। बेजान पत्थरों आदि में इशरत जहां अपनी कला और हुनर से जान फूंक कर रही हैं। उसने मूलतानी मिट्टी के पत्थरों, स्लेट बत्ती और चॉक को अपने हुनर से ऐसा आकार दिया है। जो लोगों को हैरान कर रहा है।
पश्चिमी अंबर तालाब निवासी 17 वर्षीय इशरतजहां मात्र एक छोटे से चाकू की मदद से मूलतानी मिट्टी के पत्थर, स्लेट बत्ती और चॉक पर विभिन्न आकृति बना रही है। इशरत ने अपने इस हुनर के बदौलत मूलतानी मिट्टी पत्थर की घोड़ा गाड़ी, भगवान गौतम बुद्ध, गिटार, पिस्टल आदि सहित तमाम मूर्ति बनाई है। स्लेट बत्ती और चॉक पर भी विभिन्न आकृतियां बनाई है।
स्लेट बत्ती से छोटे-छोटे स्टेचू, अंग्रेजी वर्णमाला के अक्षर आदि बनाए हैं। यह आकृतियां इतनी छोटी हैं कि इशरत ने इन्हें माचिस की डिब्बी में सुरक्षित रखा हुआ है। वह कला के इस क्षेत्र में आगे बढ़ना चाहती है। इशरत ने बताया कि वह पिछले दो सालों से यह आकृतियां बना रही है। उसकी मम्मी मुमताज बेगम, बहन तरन्नुम और पिता इरशाद उसे सहयोग करते हैं।
15 मिनट में बना देती है कोई भी आकृति
इशरतजहां को अपनी इस कला में इतनी प्रेक्टिस हो चुकी है कि वह स्लेट बत्ती और चॉक आदि पर कोई भी आकृति मात्र 15 मिनट में बना लेती है। यदि मूलतानी मिट्टी के पत्थर पर कोई बड़ी आकृति हो तो उसे बनाने में उसे अधिकतम दो घंटे का समय लगता है।