रुड़की। शादियों के सीजन में शहर मेें देर रात तक बज रहे कान फोड़ूं डीजे लोगों की नींद हराम कर रहे हैं। कोर्ट के साफ आदेश हैं कि रात 10 बजे के बाद विवाह समारोह में बैंड बाजा व डीजे नहीं बजाया जाएगा। लेकिन, कोर्ट के आदेशों की सरेआम धज्जियां उड़ रही हैं। बारातघरों और बैंड बाजा वालों पर पुलिस की सुस्ती लोगों की नींद पर भारी पड़ रही है।
शादियों का सीजन इन दिनों जोर शोर से चल रहा है। रिहायशी इलाकों से सटे बारातघरों में शायद ही कोई दिन ऐसा हो, जब शादी समारोह न हो। आसपास के लोगों की दिक्कत यह है कि देर रात तक कान फोड़ूं डीजे की आवाजें उन्हें चेन की नींद नहीं लेने दे रही हैं। यह हाल तब है जबकि कोर्ट की ओर से रात 10 बजे के बाद किसी भी सूरत में डीजे आदि पर सख्ती से रोक लगाने के आदेश पुलिस प्रशासन को दिए गए हैं। लेकिन, इन दिनों शहर में इन आदेशों के कोई मायने नजर नहीं आ रहे हैं। नतीजतन शादियों के सीजन में लोगों की रातों की नींद उड़ी हुई है।
दिल के मरीजों को बढ़ रहा खतरा
तेज आवाज से डीजे बजने से बीमार लोगों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ता है। रात में दिन की अपेक्षा थोड़ी आवाज भी तेज सुनाई देती है। ऐसे में डीजे की धमक दिल के मरीजों के सीधे दिल और दिमाग पर असर करती है। जिससे उनकी तबियत बिगड़ने का खतरा भी बना रहता है।
देर रात तक डीजे बजाना गैरकानूनी है, इस बारे में सभी थाना प्रभारियों को निर्देश दिए जा रहे हैं। बारातघरों व बैंड बाजा वालों को अल्टीमेटम देते हुए कोर्ट के आदेश का पालन सुनिश्चित किया जाएगा। -प्रमेंद्र सिंह डोबाल, एसपी देहात।