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-एक माह के भीतर दूसरी बार हुआ धार्मिक आस्था को ठेस पहुंचाने प्रयास
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Iजौरासी हिंदू और मुस्लिम आबादी वाला गांव है। यहां हिंदू-मुस्लिम समाज के लोग सालों से मिल9जुलकर रहते हैं लेकिन पिछले कुछ समय से यहां ऐसे मामले हो रहे हैं जो सांप्रदायिक सौहार्द पर चोट कर रहे हैं। मंदिर के बराबर वाले घर में संरक्षित पशु का कटान और इससे पहले शिवलिंग पर खून चढ़ाने की ऐसी घटना है जो केवल ग्रामीणों के आपसी सौहार्द के कारण ही बड़ी घटना होने से बची हैं।
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Iकोतवाली रुड़की क्षेत्र के लंढौरा के समीप स्थित जौरासी गांव पूर्व में भी चर्चा में रह चुका है। एक माह के भीतर यहां दो ऐसी घटना हो गई हैं जो यहां के आपसी भाईचारे को बिगाड़ने की साजिश लग रही है। मंदिर के बराबर में संरक्षित पशु के कटान की इस घटना से पहले शिवलिंग पर खून चढ़ाने का मामला भी सामने आ चुका है। दोनों ही मामलों को लेकर हंगामा हुआ लेकिन लोगों ने आपसी भाईचारे पर आंच नहीं आने दी है।
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Iदोनों ही मामले ऐसे हैं जिन्हें देखकर लोगों को आशंका है कि जानबूझकर इस तरह के काम किए जा रहे हैं। गांव के लोगों का कहना है कि उनका पूरा गांव हिंदू मुस्लिम की आबादी वाला गांव है। सभी लोग एक दूसरे के त्योहार और विवाह समारोह आदि में शामिल होते हैं। सुख-दुख में एक साथ रहते हैं।
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24 घंटे में आरोपियों को गिरफ्तार करने की मांग
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Iजौरासी में मंदिर के बराबर के घर में संरक्षित पशु कटान करने वाले आरोपियों को 24 घंटे में गिरफ्तार करने की मांग हिंदू संगठनों ने की है। बंजरग दल के पदधिकारी शिव प्रसाद त्यागी ने कहा कि यदि आरोपी पकड़े नहीं जाते हैं तो वह सड़कों पर उतरकर आंदोलन करने को मजबूर होंगे। उन्होंने बताया कि जिस घर में संरक्षित पशु को काटा गया है। वह अवैध है। उस घर पर भी बुलडोजर चलाया जाए।
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