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नारसन बॉर्डर पर बाहरी यात्रियों की जांच शुरू

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नारसन बोर्डर पर कोरोना जांच के लिए पहुंची टीम। - फोटो : ROORKEE
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आखिरकार सरकार के निर्देश के बाद दूसरे दिन नारसन बॉर्डर पर बाहरी राज्यों से आने वाले यात्रियों की कोरोना जांच शुरू कर दी गई है। हालांकि फिलहाल यहां एक निजी कंपनी लोगों के सैंपल ले रही है। दोपहर तीन बजे तक टीम ने 58 लोगों के सैंपल ले लिए थे। वहीं स्वास्थ्य विभाग ने बूथ लगाकर कोरोना टीकाकरण अभियान भी शुरू कर दिया है। पहले दिन 12 लोगों को कोरोना वैक्सीन का टीका लगाया गया।
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कोरोना के नए वैरिएंट की दस्तक के बाद प्रदेश में कोरोना के केसों में आई बढ़ोतरी ने सरकार और स्वास्थ्य विभाग की नींद उड़ा दी है। इसके बाद सरकार और स्वास्थ्य विभाग ने दो दिन सभी सीमाओं पर कोरोना जांच करने के निर्देश जारी किए थे, लेकिन पहले दिन नारसन बॉर्डर पर बाहर से आने वाले यात्रियों की जांच के लिए कोई स्वास्थ्य कर्मी नजर नहीं आया था। अमर उजाला ने इस खबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया था। खबर प्रकाशित होते ही प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने आनन-फानन नारसन बॉर्डर पर जांच करने की व्यवस्था शुरू की। मंगलवार को नारसन बॉर्डर पर बाहरी राज्यों से आने वाले यात्रियों की जांच शुरू कर दी गई है। दूसरे दिन नारसन बॉर्डर पर दोपहर तीन बजे तक 58 लोगों की जांच की गई। इस दौरान बाहर से आने वाले निजी वाहनों और बसों से दो से तीन लोगों की जांच की गई। वहीं दूसरी ओर मंगलवार को स्वास्थ्य विभाग ने नारसन सीएचसी पर तैनात एएनएम बीरबाला और सारिका को बॉर्डर पर कोरोना टीकाकरण के लिए तैनात कर दिया है। पहले दिन टीम ने 12 लोगों को कोरोना वैक्सीन की पहली डोज लगाई गई।
काली नदी चौकी पर रहा सन्नाटा
दो दिन पहले सरकार और स्वास्थ्य विभाग के निर्देश के बावजूद काली नदी चौकी पर और मंडावर चेकपोस्ट पर सन्नाटा पसरा रहा। यहां लगातार बाहरी राज्यों के वाहन प्रदेश में प्रवेश करते रहे, लेकिन पुलिस ने उन्हें रोककर न तो चेकिंग की और न ही स्वास्थ्य विभाग की ओर से कोई स्टाफ तैनात था, जो कोरोना के सैंपल ले रहा हो। मंगलवार को हरियाणा और चंडीगढ़ के वाहनों ने बड़ी संख्या में प्रदेश में प्रवेश किया। इसके अलावा शहर के रेलवे स्टेशन और रोडवेज बस अड्डे पर भी चेकिंग की कोई व्यवस्था नहीं थी। ऐसे में विभागों की यह लापरवाही कहीं पूरे जिले पर भारी न पड़ जाए।
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