रुड़की सिविल लाइंस कोतवाली में पकड़े गए वन दारोगा भर्ती में ठगी के आरोपी।
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वन दरोगा भर्ती में पैसे लेकर फर्जी तरीके से पेपर कराने के मामले में पुलिस ने गिरफ्तार तीनों आरोपियों को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया है। पूछताछ में कई और लोगों के नाम सामने आए हैं। पुलिस और एसटीएफ उनकी भी तलाश कर रही है।
वन दरोगा भर्ती घोटाले में एक ऑडियो वायरल हुआ था, जिसकी जांच के लिए एसटीएफ के इंस्पेक्टर अबुल कलाम के नेतृत्व में एक टीम का गठन किया गया था। जांच के दौरान वायरल ऑडियो क्लिप में सामने आया था कि फर्जी तरीके से पेपर कराकर 12 लाख रुपये की मांग की गई है। ऑडियो में एक मोबाइल नंबर भी एसटीएफ के हाथ लगा था। एसटीएफ ने नंबर की पूरी डिटेल निकलवाई तो वह मनजीत निवासी इब्राहिमपुर, भगवानपुर का था। साथ ही पता चला था कि मनजीत मेरठ में नव परिवर्तन नशा मुक्ति केंद्र में काम करता है। एसटीएफ ने मनजीत को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो उसने बताया कि सुधीर सिंह निवासी सैनपुर, थाना देवबंद, जिला सहारनपुर ने वन दरोगा भर्ती के लिए अभ्यर्थी लाने की बात कही थी। इसके अलावा डेविड कुमार निवासी बाकरपुर, लक्सर का नाम भी बताया था। एसटीएफ ने बुधवार रात सुधीर और डेविड को भी गिरफ्तार कर लिया था। दोनों ने पूछताछ में बताया था कि वे सरकारी विभागों में भर्ती कराने के नाम पर रुपये लेकर फर्जी तरीके से एडमिट कार्ड बनाकर ठगी करते हैं। एसटीएफ ने दोनों के पास से एक लैपटॉप, मोबाइल, आर्मी का एडमिट कार्ड और अन्य दस्तावेज भी बरामद किए थे। कार्यवाहक कोतवाली प्रभारी दीप कुमार ने बताया कि डेविड कुमार, सुधीर कुमार और मनजीत कुमार को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया है। गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की तलाश की जा रही है।