सिविल अस्पताल में नवनिर्मित आईसीयू वार्ड बिना स्टाफ के बंद पड़ा है। वार्ड को संचालित करने के लिए अस्पताल के सीएमएस ने निदेशालय को पत्र भेजा है। उन्होंने 11 बेड के वार्ड के लिए 59 लोगों का स्टाफ मांगा है। स्टाफ मिलते ही आईसीयू वार्ड शुरू हो जाएगा और मरीजों को बड़ी राहत मिलेगी।
दो साल पहले कोरोना महामारी के दौरान सिविल अस्पताल में ऑक्सीजन वार्ड की तो व्यवस्था कर दी गई थी, लेकिन आईसीयू वार्ड की भारी कमी महसूस हुई थी। उसी दौरान अस्पताल में आईसीयू वार्ड बनाने की कवायद शुरू कर दी गई थी। अब 11 बेड का आईसीयू वार्ड बनकर पूरी तरह तैयार है। करीब पांच महीने पहले इसका उद्घाटन भी हो चुका है, लेकिन स्टाफ न होने से वार्ड पर ताला लटका है। आईसीयू वार्ड होने के बावजूद गंभीर मरीजों को रेफर करना पड़ रहा है।
वहीं, अब कोरोना के नए वैरियंट ओमिक्रॉन ने प्रदेश में पैर पसारने शुरू कर दिए हैं तो आईसीयू वार्ड की जरूरत महसूस होने लगी है। अस्पताल प्रशासन पर भी इसको लेकर दबाव बनने लगा है। ऐसे में सिविल अस्पताल के सीएमएस डॉ. संजय कंसल ने स्वास्थ्य निदेशालय को आईसीयू वार्ड के स्टाफ के लिए पत्र भेजा है। 11 बेड के आईसीयू वार्ड के लिए दो निश्चेतक, दो बाल रोग विशेषज्ञ, छह चिकित्साधिकारी, 33 उपचारिका, आठ वार्ड ब्वॉय और आठ सफाई कर्मियों की मांग की गई है। सीएमएस ने बताया कि जल्द से जल्द स्टाफ भेजे जाने की मांग की गई है। वार्ड के लिए स्टाफ मिलते ही आईसीयू शुरू हो जाएगा।