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ओमिक्रॉन के मरीजों को मिला दुरुस्त इलाज

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कोरोना वायरस के नए वैरियंट ओमिक्रॉन के गंभीर मरीजों को सिविल अस्पताल में भर्ती किया गया। कुछ मरीजों को आईसीयू वार्ड में भर्ती कर उनका इलाज किया गया जबकि कुछ को ऑक्सीजन बेड पर रखा गया। बड़ी संख्या में मरीजों के आने से अस्पताल में अफरातफरी मची रही। हालांकि, विभाग ने सभी मरीजों को अच्छे से हैंडल किया। दरअसल, सिविल अस्पताल में ये नजारा मॉक ड्रिल के तहत दिखाई दिया, जो कोरोना के केस बढ़ने पर अस्पताल की व्यवस्थाएं परखने के लिए किया गया।
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कोरोना संक्रमण की तीसरी लहर की आशंका लगातार बनी हुई है। कोरोना के नए वैरियंट ओमिक्रॉन के मरीज भी देशभर में मिल रहे हैं। वहीं, एक दिन पहले देहरादून की युवती में भी ओमिक्रॉन के लक्षण मिलने से स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड पर आ गया है। सिविल अस्पताल में भी स्वास्थ्य सेवाओं को दुरुस्त किया जा रहा है। शासन के निर्देश पर बृहस्पतिवार को सिविल अस्पताल में मॉक ड्रिल कर ऑक्सीजन जनरेशन प्लांट संचालित कर उससे वार्ड और आईसीयू में ऑक्सीजन की सप्लाई चेक की गई।
साथ ही वार्ड में सेंट्रल ऑक्सीजन सप्लाई और आईसीयू वार्ड की सुविधाएं भी परखी गईं। इसके लिए बाकायदा डमी मरीजों को भर्ती कर इलाज दिया गया। इससे स्टॉफ की गतिविधियों और फुर्ती को चेक किया गया। कार्यवाहक सीएमएस डॉ. एके मिश्रा ने बताया कि मॉक ड्रिल सुबह नौ से शाम पांच बजे तक जारी रखी। इस दौरान सभी चिकित्सक व स्वास्थ्य कर्मी अलर्ट मोड पर रहे। आईसीयू वार्ड के सभी 10 बेड पर ऑक्सीजन सप्लाई और अन्य उपकरण चेक किए गए। नौ घंटे तक चली मॉकड्रिल पूरी तरह सफल रही। अस्पताल स्टाफ ने भी इस दौरान बेहतर काम किया। प्रयास रहेगा कि लोगों को तीसरी लहर का सामना नहीं करना पड़े। यदि इसकी नौबत आती है तो अस्पताल में व्यवस्थाएं दुरुस्त हैं।
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