शहर के नेहरू स्टेडियम में बुधवार को हैलीकॉप्टर उतार लिया गया और नगर निगम से एनओसी तक नहीं ली गई। संत भोला महाराज व उनकी पत्नी मंगला माता को लेकर रुड़की पहुंचा हैलीकॉप्टर करीब दो घंटे खड़ा रहने के बाद वापस उड़ान भर गया।
चौंकाने वाली बात ये है कि हैलीकॉप्टर उतरने की जानकारी होने के बावजूद प्रशासन या नगर निगम अधिकारियों ने एनओसी को लेकर ध्यान नहीं दिया।
गनीमत रही कि लैंडिंग के दौरान कोई खेल या कार्यक्रम स्टेडियम में नहीं हो रहा था, नहीं तो अनहोनी की आशंका भी पैदा हो सकती थी। आमतौर पर नगर निगम स्टेडियम दिनभर बच्चों का जमावड़ा रहता है और खेलकूद गतिविधियां चलती रहती हैं।
खेल या सामाजिक कार्यक्रमों के लिए होता स्टेडियम का प्रयोग
शहर के बीचों बीच नेहरु स्टेडियम का रखरखाव नगर निगम की ओर से किया जाता है। स्टेडियम का इस्तेमाल अमूमन खेल प्रतियोगिताओं या सामाजिक कार्यक्रमों के लिए किया जाता है।
इसके लिए नगर निगम से बाकायदा अनुमति व एनओसी ली जाती है, मगर बुधवार को वीआईपी मेहमानों को लेकर रुड़की पहुंचा एक हैलीकॉप्टर नेहरु स्टेडियम में उतरने के बाद दो घंटे खड़ा रहा।
अधिकारियों ने एक दूसरे को फोन करते हुए पूरी व्यवस्था करा दी। लेकिन नगर निगम की एनओसी परखने की जरूरत ही नहीं समझी। सुबह करीब 11 बजे संत भोला महाराज व मंगला माता हैलीकॉप्टर से रुड़की पहुंचे और कैंट क्षेत्र में एक निजी कार्यक्रम में भाग लेने के बाद वापस उड़ान भर गए।
बताया जाता है कि हैलीकॉप्टर किराये पर लाया गया था, पर इसके लिए न तो भोला महाराज और न ही हैलीकॉप्टर कंपनी की ओर से कोई एनओसी नगर निगम से ली गई।
मौखिक रूप से चॉपर उतरने की दी गई जानकारी
जिला प्रशासन की ओर से ज्वाइंट मजिस्ट्रेट रुड़की को मौखिक रूप से चॉपर उतरने की जानकारी दी गई। जिस पर ज्वाइंट मजिस्ट्रेट ने ऐनवक्त पर नगर निगम अधिकारियों को स्टेडियम में साफ सफाई कराने के निर्देश दिए।
हैलीकॉप्टर जाने के बाद जब प्रशासन व नगर निगम अधिकारियों से एनओसी की जानकारी ली गई तो कोई भी माकूल जवाब नहीं दे पाया।