एक तरफ सरकार गर्भवती महिलाओं के लिए विभिन्न स्वास्थ्य योजनाएं चलाने के दावे कर रही है। वहीं, दूसरी ओर लक्सर में गर्भवती महिलाओं को अल्ट्रासाउंड की भी सुविधा नहीं मिल रही है। लक्सर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से गर्भवती महिलाओं को हरिद्वार के सरकारी अस्पताल भेजा जा रहा है।
लक्सर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के अंतर्गत 126 गांव आते हैं। इन गांवों की आबादी दो लाख से अधिक है। बावजूद इसके स्वास्थ्य सेवाओं और संसाधनों की कमी बरकरार है। इसका खामियाजा मरीजों और उनके तीमारदारों को भुगतना पड़ रहा है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में अल्ट्रासाउंड की सुविधा नहीं होने से गर्भवती महिलाओं को सबसे अधिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। महिलाओं को मजबूरी में निजी अल्ट्रासाउंड केंद्रों पर 450 से 500 रुपये देकर अल्ट्रासाउंड करवाना पड़ रहा है जबकि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से महिलाओं को मुफ्त में अल्ट्रासाउंड करवाने के लिए करीब 40 किलोमीटर हरिद्वार सरकारी अस्पताल जाना पड़ रहा है। हर माह करीब 50 से 100 महिलाओं को अल्ट्रासाउंड के लिए हरिद्वार भेजा जा रहा है।
मैंने उच्च अधिकारियों को अल्ट्रासाउंड नहीं होने के संबंध में कई बार अवगत कराया है। एक बार फिर से पत्र भेजा जा रहा है। उम्मीद है कि शीघ्र अल्ट्रासाउंड की सुविधा सामुदायिक केंद्र पर मिलेगी।- डॉ. अनिल वर्मा, सीएचसी प्रभारी, लक्सर
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर अल्ट्रासाउंड की सुविधा नहीं होने की जानकारी नहीं है। ऐसा है तो मरीजों की परेशानी को देखते हुए डीजी हेल्थ से अल्ट्रासाउंड की सुविधा उपलब्ध कराने के संबंध में जल्द ही वार्ता की जाएगी। -मोहम्मद शहजाद, विधायक, लक्सर