साबिर पाक के 756वें सालाना उर्स में सुबह 10 बजे गुस्ल शरीफ की रस्म अदा की गई। इसमें मजार शरीफ और रगाह शरीफ को गुलाब और केवड़ा जल से नहलाया गया। साथ ही मजार शरीफ में संदल पेश किया गया। इसके बाद गुस्ल का पानी पाने के लिए जायरीनों का हुजूम उमड़ पड़ा। इसी के साथ उर्स की सभी रस्में संपन्न हो गईं।
बुधवार को सज्जादानशीन शाह अली एजाज साबरी कुद्दुसी ने गुस्ल शरीफ की रस्म अदा कराई। उर्स में आए हुए जायरीनों ने गुस्ल शरीफ रस्म में शिरकत की। इस दौरान पूरी दरगाह खुशबू से महक उठी। रस्म अदायगी के दौरान सबसे पहले मजार शरीफ को गुलाब जल से नहलाया गया। उसके बाद सज्जादानशीन शाह अली एजाज साबरी कुद्दुसी ने मजार शरीफ में संदल पेश किया।
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उसके बाद गुस्ल का पानी पाने के लिए जायरीनों की भीड़ उमड़ पड़ी। गुस्ल का पानी हासिल करने के लिए कोई बोतल लेकर पहुंचा तो किसी के हाथों में गिलास था। इसी के साथ उर्स की सभी मुख्य रस्में संपन्न हो गई। उर्स अभी चांद की 20 तारीख तक चलेगा। रस्म अदायगी के दौरान शाह यावर अली एजाज साबरी, शाह खालिक मियां, सज्जादा प्रतिनिधि शाह सुहैल, हाफिज मैराज साबरी, सूफी राशिद साबरी, नय्यर अजीम फरीदी, यासिर एजाज साबरी, सूफियान बाबा, सूफी इसरार साबरी आदि मौजूद रहे।
कुल शरीफ की रस्म अदा की
बुधवार देर रात नमाज ईशा महफिल खाने में साबिर पाक के दादा पीर हजरत बख्तियार काकी रहमतुल्लाह अलैहि के कुल शरीफ की रस्म अदा की गई। 14 रबीउलअव्वल को इनका दिल्ली में उर्स मनाया जाता है। कुल शरीफ में सज्जादानशीन शाह अली एजाज साबरी और उनके परिवार के लोग शामिल हुए। उर्स में देश विदेश आए जायरीनों ने भी शिरकत की।