स्थानांतरण के बाद चिकित्सकों के कार्यभार ग्रहण न करने पर शासन ने जताई चिंता
जिलाधिकारी और मुख्य चिकित्साधिकारी को भेजा पत्र, सचिव ने जारी किए निर्देश
रुड़की। शासन की ओर से वार्षिक स्थानांतरण सत्र 2026-27 के तहत स्थानांतरित किए गए चिकित्सकों को नए तैनाती स्थल पर समयबद्ध तरीके से कार्यभार ग्रहण न करने पर शासन ने चिंता जताई है। कार्यभार ग्रहण करने के संबंध में स्वास्थ्य सचिव विनय शंकर पांडेय ने जिलाधिकारी और मुख्य चिकित्साधिकारी को निर्देश जारी किए हैं।
शासन की ओर से 17 जुलाई को जारी पत्र में कहा गया था कि जनपद से स्थानांतरित चिकित्सकों को हर हाल में 18 जुलाई तक कार्यमुक्त किया जाना है ताकि वे अपने नए तैनाती स्थल पर तत्काल कार्यभार ग्रहण कर सकें। बावजूद इसके अभी तक जनपद से स्थानांतरित किए गए चिकित्सकों ने अपना कार्यभार ग्रहण नहीं किया है जबकि कई चिकित्सक मेडिकल अवकाश पर चले गए हैं। ऐसे में जनपद के सरकारी अस्पतालों में व्यवस्था चरमराई हुई है। बता दें कि शासन की ओर से वार्षिक स्थानांतरण अधिनियम-2017 के तहत 29 जून को प्रदेश भर के सरकारी अस्पतालों से भारी संख्या में चिकित्सकों के तबादलों की सूची जारी की गई थी। सूची जारी होने के बाद कुछ चिकित्सकों ने तबादलों के विरुद्ध आपत्ति दर्ज कराई थी। शासन स्तर पर सुनवाई के बाद इन आपत्तियों का निस्तारण कर दिया गया था। इसके बावजूद शासन के संज्ञान में आया कि कई स्थानों पर चिकित्सकों को अभी तक कार्यमुक्त नहीं किया गया है। इसके कारण वे नए तैनाती स्थल पर कार्यभार ग्रहण नहीं कर पा रहे हैं जिससे स्वास्थ्य सेवाओं के संचालन में असमंजस की स्थिति पैदा हो रही है। इसके चलते शासन ने सभी संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए थे कि स्थानांतरित चिकित्सकों की सूची के अनुसार उन्हें 18 जुलाई तक अनिवार्य रूप से कार्यमुक्त किया जाना चाहिए लेकिन अभी तक जनपद के कई चिकित्सक अपनी नई तैनाती पर नहीं पहुंचे है। जहां शासन के आदेशों को नजरअंदाज किया जा रहा है और इसका खामियाजा मरीजों को भुगतना पड़ रहा है।