प्रदेश में सरकार बदलने के बाद भी घाड़ क्षेत्र में खनन का खेल थमने का नाम नहीं ले रहा है। आचार संहिता के दौरान इस पर अंकुश लगा रहा, लेकिन उसके बाद माफिया नदियों का सीना धड़ल्ले से चीर रहे हैं। सोमवार को भी तहसीलदार को देखकर एक चालक खनन सामग्री से लदी एक ट्रैक्टर-ट्रॉली को लेकर भाग निकला, लेकिन घेराबंदी कर पुलिस ने इसे सीज कर दिया। उधर, लक्सर व खानपुर क्षेत्र में चोरी-छिपे खनन का खेल जारी है। जबकि रुड़की और बुग्गावाला क्षेत्र में फिलहाल सन्नाटा पसरा हुआ है।
विधानसभा चुनाव की आचार संहिता के दौरान शहर से देहात तक खनन पर अंकुश तो लगा रहा, लेकिन पूरी तरह विराम नहीं लग पाया। कई स्थानों पर आज भी अवैध खनन जारी है। सोमवार को तहसीलदार अबरार हुसैन बंदरजूड़ की तरफ से आ रहे थे उसी दौरान उन्हें लामग्रंट के पास अवैध खनन सामग्री से भरी एक ट्रैक्टर-ट्रॉली दिखाई दी। तहसीलदार ने ट्रैक्टर-ट्रॉली चालक को रुकने के लिए कहा, लेकिन चालक तहसीलदार को देखकर ट्रैक्टर-ट्रॉली की गति बढ़ा कर भाग निकला। तहसीलदार के फोन पर पुलिस मौके पर पहुंची। उन्होंने ट्रैक्टर-ट्रॉली का पीछा कर उसे पकड़ लिया, लेकिन माफिया ने ट्रैक्टर-ट्रॉली को भागते-भागते खनन सामग्री खाली कर दी। उसके बाद तहसीलदार ने खाली ट्रैक्टर-ट्रॉली सीज कर दी। उधर, रायसी एवं खानपुर से होकर जा रही बाण गंगा में दिनभर सन्नाटा पसरा रहता है, लेकिन सूचना है कि रात में क्षेत्र से खनन सामग्री उठाई जाती है। जबकि रुड़की सोलानी में फिलहाल कहीं खनन दिखाई नहीं दे रहा है।