बुधवार दोपहर एक बजे स्कूलों की छुट्टी होने पर एआरटीओ प्रवर्तन की ओर से बोट क्लब में वाहनों की चेकिंग के दौरान एक स्कूटी पर सवार तीन छात्राओं को टीम ने रोक दिया। इस दौरान छात्राएं टीम के सामने रोती रह गई, मगर अधिकारियों ने उनका नकद चालान कर दिया। इस दौरान छात्राओं को रोता देख लोगों भी भीड़ भी जमा हो गई।
बुधवार को एआरटीओ प्रवर्तन के आदेश पर स्कूली वाहनों की चेकिंग का अभियान चल रहा था। इस दौरान टीम को बोट क्लब पर तीन छात्राओं को एक स्कूटी पर सवार देखा। टीम ने छात्राओं को रोक लिया। टीम छात्राओं का थ्री ड्राइविंग पर चालान काटने लगी तो छात्राएं माफी मांगने लगी। मगर टीम चालान काटने पर उतारू थी। इस दौरान छात्राएं जोर जोर से रोने लगी। छात्राओं को रोता देख मौके पर भीड़ जमा हो गई। उन्होंने भी टीम को समझाने का प्रयास किया, मगर टीम ने नियमों का हवाला देते हुए छात्राओं का नकद चालान कर दिया। जहां एक ओर नियमों के हिसाब से लोगों ने भी कार्रवाई को सही बताया। वहीं दूसरी ओर चेकिंग केवल दोपहिया वाहनों पर ही होने से लोगों में रोष था। उनका कहना था कि शहर में अवैध वाहनों की स्थिति पर नजर डाले तो डग्गामार वाहन (बिना परमिट, बिना कागज) खुलेआम संचालित हो रहे हैं। बिना परमिट की बाहरी राज्यों की बसें दौड़ रही है, मगर एआरटीओ वहां कार्रवाई नहीं करता है।