गैंगवार मामले में हत्यारोपियों ने विवाद के समझौते के बहाने बुलाकर वारदात को अंजाम दिया था। पुलिस ने मृतक के भाई की तहरीर पर आठ नामजद और 25 अज्ञात के खिलाफ हत्या समेत अन्य धाराओं में केस दर्ज कर लिया है। साथ ही मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया गया है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की तीन टीमों का गठन किया गया है।
शुक्रवार दोपहर रुहालकी-प्रेमराज पुर मार्ग के पास श्मशान घाट के पास रुड़की और भगवानपुर क्षेत्र के युवकों के दो गुटों में वर्चस्व की जंग को लेकर गैंगवार हो गई थी। गैंगवार में कुनाल ऊर्फ बाबू उर्फ मिलिट्री निवासी इंदिरा कालोनी, रुड़की की हत्या कर दी गई थी। दिनदहाड़े हत्या से क्षेत्र में सनसनी फैल गई थी। साथ ही युवकों के दोनों गुटों में तनाव बन गया था। पुलिस ने आननफानन में युवक के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सिविल अस्पताल मोर्चरी में रखवा दिया था।
वहीं, हत्यारोपियों की तलाश में पुलिस ने रात में ताबड़तोड़ दबिश दी थी। साथ ही पुलिस ने देर रात मृतक के भाई आशीष ने तहरीर दी थी। उसने आरोप लगाया कि कुछ दिन पहले उसके भाई का कुछ युवकों से विवाद हो गया था। विवाद में समझौते के बहाने उसके भाई को युवकों ने शुक्रवार को रुहालकी के पास बुलाया था। वहां उसकी हत्या कर दी गई।
कोतवाली प्रभारी अमरजीत सिंह ने बताया कि तहरीर के आधार पर रोहित राणा निवासी करौंदी, बंटी उर्फ बल सिंह निवासी खेड़ा बिलासपुर, सहारनपुर, सचिन कश्यप निवासी गैस प्लांट के पीछे भगवानपुर, योगेश डीलर निवासी चोली शहाबुद्दीनपुर, आकाश गुर्जर निवासी शाहपुर, शुभम राणा, शशांक उर्फ झोझा, बाहुबली उर्फ अमन निवासी रुहालकी, भगवानपुर और 25 अज्ञात के खिलाफ हत्या समेत अन्य धाराओं में केस दर्ज कर लिया गया है। साथ ही मुख्य आरोपी रोहित राणा को शुक्रवार रात कस्बे के पास बस स्टैंड से गिरफ्तार कर लिया गया। शनिवार को उसे कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया गया है। उधर, एसपी देहात प्रमेंद्र सिंह डोबाल ने बताया कि फरार आरोपियों की तलाश के लिए पुलिस और सीआईयू की तीन टीमें लगाई गई हैं।
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हत्या के बाद तनाव, अस्पताल बना छावनी
युवक की हत्या के बाद दोनों गुटों में तनाव बना हुआ है। पुलिस मामले में गंभीरता से नजर रख रही है। शनिवार दोपहर सिविल अस्पताल में डॉक्टरों के पैनल की निगरानी में पोस्टमार्टम हुआ है। इस दौरान युवक पक्ष की ओर से बड़ी संख्या में युवा और अन्य लोग मौजूद रहे। वहीं, मामले की गंभीरता को देखते हुए सिविल अस्पताल को सुबह से ही छावनी में तब्दील कर दिया गया था। वहीं, भीम आर्मी के प्रदेश अध्यक्ष महक सिंह ने अस्पताल पहुंचकर आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी और परिजनों को आठ लाख का मुआवजा देने की मांग की। जल्द ही गिरफ्तारी नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी। पोस्टमार्टम के बाद पुलिस ने शव परिजनों के सुपुर्द कर दिया।