सीमा पर दुश्मनों के दांत खट्टे करने वाले सेना के जवान फिलहाल मतदान में काफी पीछे हैं। कम से कम पिछले विधानसभा चुनाव में बीईजी सेंटर से हुए मतदान से तो यही अंदाजा लगाया जा रहा है। स्थिति यह है कि पिछले चुनाव में बीईजी से 20 प्रतिशत से भी कम मतदान हुआ था। यही कारण है कि इस बार स्थानीय प्रशासन और सैन्य अधिकारियों की ओर से मतदान का ग्राफ बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है।
रुड़की स्थित बीईजी सेंटर में दस हजार से अधिक मतदाता हैं। इसमें सैन्यकर्मी और उनके परिजन शामिल हैं, लेकिन अधिकांश लोग मतदान करने नहीं जाते हैं। यही कारण है कि पिछले विधानसभा चुनाव में बीईजी सेंटर से 20 प्रतिशत से भी कम मतदान हुआ था। इस पर संज्ञान लेते हुए केंद्र सरकार और स्थानीय प्रशासन की ओर से इस बार बीईजी में मतदान का प्रतिशत बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है। इसके लिए परिसर में जागरूकता अभियान के साथ ही संकल्प पत्र भी भरवाया जा रहा है, जिससे अधिक से अधिक लोग मतदान के लिए आगे आएं। इस संबंध में ज्वाइंट मजिस्ट्रेट रुड़की मयूर दीक्षित का कहना है कि रुड़की सहित अन्य विधानसभाओं में इस बार मतदान प्रतिशत बढ़ाने के प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि पिछले चुनाव में बीईजी परिसर में 20 प्रतिशत से भी कम मतदान हुआ था, इसलिए वहां भी अधिकारियों से संपर्क कर इसे सुधारने के प्रयास किए जा रहे हैं।
आईआईटीयंस भी मतदान में पीछे
देश और विदेशों में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाने वाले आईआईटीयंस और उनके परिजन भी मतदान में काफी पीछे हैं। स्थिति यह है कि पिछले चुनाव में आईआईटी परिसर से 40 प्रतिशत भी मतदान नहीं हुआ था। ज्वाइंट मजिस्ट्रेट मयूर दीक्षित का कहना है कि इस बार आईआईटी रुड़की में भी मतदान प्रतिशत बढ़ाने के प्रयास किए जा रहे हैं।
85 प्रतिशत तक मतदान का है लक्ष्य
विधानसभा चुनाव-2017 में मतदान के लिए स्कूलों और संगठनों की ओर से जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। साथ ही लोगों को मतदान का महत्व बताया जा रहा है। ज्वाइंट मजिस्ट्रेट मयूर दीक्षित का कहना है कि जब तक हम मतदान के महत्व को नहीं समझेंगे, तब तक विकास और समस्याओं के लिए किसी अन्य को जिम्मेदार नहीं ठहरा सकते हैं। उन्होंने लोगों से अधिक से अधिक संख्या में मतदान की अपील की।
सैन्यकर्मी, आईआईटीयंस बिगाड़ सकते हैं प्रत्याशियों के समीकरण
सैन्यकर्मियों और आईआईटीयंस के मतदान का ग्राफ बढ़ा तो दलों और प्रत्याशियों के समीकरण बदल सकते हैं। कारण कि अब तक दोनों ही संस्थानों में मतदान का प्रतिशत बेहद कम रहा है, लेकिन इस बार अधिक मतदान की संभावना जताई जा रही है।
रुड़की विधानसभा में दस हजार से अधिक बीईजी सैन्यकर्मी और आईआइटी के मतदाता हैं, लेकिन देानों ही संस्थानों की अेार से मतदान प्रतिशत बेहद कम रहा है। ऐसे में फिलहाल राजनीतिक दल और प्रत्याशी इसका आकलन नहीं कर रहे हैं, लेकिन इस बार बीईजी केंद्र और आईआईटी के मतदाताओं की ओर से अच्छी तादात में मतदान करने की संभावना जताई जा रही है। मालूम हो कि रुड़की विधानसभा में पहले 25-26 हजार वोट मिलने पर जीत हार का निर्णय होता था, लेकिन इसबार यह आंकड़ा तीस के पार पहुंचने की उम्मीद है।