शताब्दी ट्रेन को जबरन रोके जाने के मामले में आरपीएफ ने चार और लोगों को गिरफ्तार किया है। सोमवार को आरपीएफ ने इसी मामले में उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी संघर्ष समिति के अध्यक्ष हर्ष प्रकाश काला को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। उधर, संघर्ष समिति सदस्यों ने अपनी मांगों के समर्थन में मंगलवार को भी अपना धरना जारी रखा।
उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी संघर्ष समिति की ओर से लंबे समय से ढंडेरा रेलवे स्टेशन पर विभिन्न सुविधाओं की मांग को लेकर धरना प्रदर्शन किया जा रहा है। वर्ष 2012 में इन्हीं मांगों को लेकर संघर्ष समिति ने शताब्दी ट्रेन भी रोक दी थी जिसके चलते आरपीएफ ने आठ लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। मामला कोर्ट में विचाराधीन है। कोर्ट की तारीखों पर उपस्थित न होने की वजह से कोर्ट ने उनके खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया है जिसके चलते आरपीएफ ने सोमवार को संघर्ष समिति के अध्यक्ष हर्ष प्रकाश काला को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। मंगलवार को भी आरपीएफ ने इसी मामले के चार और आरोपियों को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया गया जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया है। मंगलवार को गिरफ्तार किए गए आरोपियों में चंद्रदत्त पांडे, जयवीर सिंह रावत, थम्मन सिंह रावत एवं बलवंत सिंह पंवार के नाम शामिल हैं। आरपीएफ थाने के प्रभारी निरीक्षक प्रमोद कुमार अवस्थी ने बताया कि जिन लोगों के खिलाफ कोर्ट ने गैर जमानती वारंट जारी किए हैं। उनकी गिरफ्तारी को प्रयास जारी हैं।
उधर, संघर्ष समिति की ओर से ढंडेरा रेलवे स्टेशन पर विभिन्न सुविधाओं की मांग को लेकर चल रहा धरना मंगलवार को भी जारी रहा। समिति ने कहा है कि जब तक उनकी मांगों को पूरा नहीं किया जाता है। यह आंदोलन जारी रहेगा। इस अवसर पर सरस्वती रावत, भारती रौतेला, सुमित्रा पटवाल, सुनील, विमला नेगी, वीरा विष्ट, लक्ष्मी डोभाल, बसंती मेहरा, सावित्री सुकड़ा, पितांबरी नेगी, आरपी बिंजोला आदि के नाम शामिल हैं।