महिलाओं ने प्राइवेट फाइनेंस कंपनी के कर्मचारियों पर अभद्रता करने का आरोप लगाते हुए कोतवाली का घेराव किया। इस दौरान कंपनी के कर्मचारी ने एक ग्रामीण पर तमंचा दिखाने का आरोप लगाया है।
बृहस्पतिवार को खेड़ी कलां गांव की सैकड़ों महिलाएं कोतवाली पहुंची। उनका कहना था कि एक फाइनेंस कंपनी की ओर से गांव की महिलाओं ने समूह बनाकर पैसा लिया था। जिसकी प्रति सप्ताह किश्त देनी होती है, लेकिन नोटबंदी के कारण वह पैसे देने में असमर्थ हैं। महिलाओं का आरोप है इसे लेकर कंपनी के एक कर्मचारी ने महिला के घर में घुसकर अभद्रता की है। महिलाओं ने कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। वहीं कंपनी के कर्मचारियों का कहना है कि नोटबंदी से गांव में महिलाओं की बैठक ली जानी थी। जिसमें समूह से जुड़ी महिलाओं को यह संदेश देना था कि नोटबंदी से परेशान होने की जरूरत नहीं है। वह अगले माह किश्त दे सकती हैं।
बुधवार को जब बैठक के लिए कंपनी का कर्मचारी महिलाओं को बुलाने गया तो एक महिला के पति ने उसके साथ मारपीट करते हुए देसी तंमचा दिखाया। वहीं कंपनी के अधिकारी भी पुलिस से न्याय की गुहार लगाई है। उपनिरीक्षक रघुवीर चौधरी ने बताया कि महिलाओं को समझा-बुझाकर गांव भेज दिया गया है। जिसके बाद मामले की जांच की जा रही है। इस दौरान रिहाना, जावेद, बालूनी, नोशिदा, मोमीना, शहिन, इमराना, तरन्नूम, रेशमा, शिक्षा, सोनम व राजबानों आदि महिलाएं उपस्थित रहीं।