चुनावी शोर में विकास विभाग में हुए घोटाले फाइलों में दब गए हैं। आचार संहिता लगने से पहले कई गांवों में घोटालों से पर्दा उठा था, लेकिन चुनाव आते ही आरोपियों पर कार्रवाई की प्रक्रिया रुक गई है।
आचार संहिता लगने से रुड़की ब्लॉक के बहादुरपुर सैनी गांव में नाला निर्माण के लिए आई राशि हड़पने का मामला सामने आया था। जांच रिपोर्ट में घोटाले की पुष्टि करते हुए एएसडीएम गोपाल सिंह चौहान ने सीडीओ एवं ज्वाइंट मजिस्ट्रेट को इसकी रिपोर्ट भेज दी थी। इसके अलावा लाठरदेवा शेख गांव में करीब एक करोड़ रुपये की स्वजल परियोजना में घटिया प्लास्टिक पाइप लाइन डालने का मामला प्रकाश में आया था। रुड़की बीडीओ मनविंदर कौर ने कार्रवाई के लिए रिपोर्ट बनाकर ज्वाइंट मजिस्ट्रेट को भेज दी थी। इसके अतिरिक्त भी कई ग्राम पंचायतों में गड़बड़ी होने की पुष्टि जांच में हुई थी। जिन मामलों में आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को भेज दी थी, लेकिन अब अधिकारियों के चुनाव में व्यस्त होने के चलते विकास कार्यों में हुए घोटाला करने वालों की मौज आ गई है, दरअसल अब समस्त विभाग के अधिकारियों को चुनाव में लगा दिया है। इससे चुनाव में समय न मिलने पर अधिकारी भी घोटालों की फाइलों पर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं कर पा रहे हैं। उधर, इस संबंध में मुख्य विकास अधिकारी डा. मेहरबान सिंह बिष्ट का कहना है कि जो भी मामले हैं उनमें सभी में कार्रवाई होने की प्रक्रिया चल रही है। चुनाव के बाद सभी मामलों में कार्रवाई की जाएगी।