इब्राहिमपुर घाट से रेत चोरी करने के 2017 के मामले में अदालत ने पिता-पुत्र को दोषमुक्त कर दिया है। अभियोजन पक्ष आरोप साबित करने के लिए ऐसा कोई प्रत्यक्षदर्शी गवाह पेश नहीं कर सका जिसने दोनों आरोपियों को ट्रैक्टर-ट्रॉली में रेत भरकर चोरी करते देखा हो। साक्ष्यों के अभाव में अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत ने निन्ना उर्फ इस्माइल और उसके बेटे सुमित को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया।
अभियोजन के अनुसार नौ सितंबर 2017 को गंगनहर कोतवाली में तैनात उपनिरीक्षक पवन डिमरी पुलिसकर्मियों के साथ रात में गश्त कर रहे थे। इसी दौरान मुखबिर ने सूचना दी कि इब्राहिमपुर निवासी निन्ना और उसका बेटा सुमित इब्राहिमपुर घाट से रेत चोरी कर रहे हैं। पुलिस टीम मुखबिर को साथ लेकर घाट की ओर पहुंची तो रेत से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली आती दिखाई दी।
पुलिस वाहन को देखकर चालक ने ट्रैक्टर को सड़क से नीचे खेत में उतार दिया। इसके बाद चालक और उसके साथ मौजूद दूसरा व्यक्ति ट्रैक्टर-ट्रॉली छोड़कर फरार हो गए। पुलिस ने मौके से ट्रैक्टर-ट्रॉली कब्जे में लेकर रिपोर्ट दर्ज की। मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने पांच गवाह पेश किए।
अदालत ने साक्ष्यों का विश्लेषण करते हुए पाया कि किसी भी गवाह ने आरोपियों को रेत चोरी करते हुए नहीं देखा था। वहीं, बचाव पक्ष के गवाहों ने बताया कि आरोपी अपने खेत में मिट्टी डालने का काम कर रहे थे और ट्रैक्टर खेत में फंस गया था। अदालत ने माना कि अभियोजन पक्ष चोरी का आरोप साबित करने में विफल रहा।