झबरेड़ा। गन्ना किसानों को गन्ना खरीद पर्चियां कम मिलने से लोगों को परेशानी उठानी पड़ रही है। किसानों के खेतों में चारे के लिए काटा गया गन्ना सूख रहा है और खाली खेत न हो पाने से गेहूं की बुआई नहीं हो पा रही है। मिल गेट पर गन्ना आपूर्ति करने वाले किसानों ने गन्ना खरीद पर्चियां दिलवाने की मांग सहायक गन्ना आयुक्त से की है।
इकबालपुर क्षेत्र के किसान अनिल कुमार, अंकित त्यागी, तेजपाल व गौरव आदि ने सहायक गन्ना आयुक्त शैलेंद्र सिंह को भेजे शिकायती पत्र में बताया है कि इकबालपुर शुगर मिल में गेट पर गन्ना आपूर्ति करने वाले किसानों को पर्चियां बहुत ही कम मिल रही है। मिल का पेराई सत्र चालू हुए लगभग एक माह हो चुका है, लेकिन ज्यादातर किसानों को दो या तीन ही पर्ची भेजी गई है। कम पर्ची मिलने से किसानों का गन्ना खेतों में पड़ा सूख रहा है। क्योंकि पशुओं के चारे के लिए किसानों को हर रोज गन्ना छीलना और काटना पड़ता है। वहीं दूसरी ओर खेत खाली न होने से गन्ने की फसल के बाद गेहूं की बुआई प्रभावित हो रही है। छोटे व मझले किसानों के अगेती प्रजाति के गेहूं तो खेत खाली न हो पाने से बोये नहीं गए थे। अब गेहूं की पछेती प्रजाति जो 25 दिसंबर तक बोई जाती है, उसकी बुआई भी बहुत ही कम हो पाई है। इसको लेकर किसान बहुत परेशान हैं। वहीं सहायक गन्ना आयुक्त शैलेंद्र सिंह का कहना है कि समिति से जो गन्ना खरीद पर्चियां भेजी जा रही है, उनमें 45 प्रतिशत खरीद इंडेड सेंटरों का और 55 प्रतिशत खरीद इकबालपुर मिल गेट की भेजी जा रही है। गन्ने की उपज बढ़ोतरी की रिपोर्ट तैयार होते ही पर्चियां बढ़ जाएंगी। किसानों की समस्या का समाधान खरीद इंडेड बढ़ा कर शीघ्र ही कराया जाएगा।