गन्ना पर्ची जारी नहीं होने पर भगवानपुर क्षेत्र के करौंदी समेत अन्य क्षेत्र के किसानों ने सोमवार को रुड़की रेलवे रोड स्थित इकबालपुर गन्ना विकास समिति में प्रदर्शन किया। किसानों ने अधिकारियों को बंधक बनाकर दफ्तर के बाहर ताला जड़ दिया। शाम पांच बजे अधिकारियों ने वार्ता कर गन्ना पर्ची का समाधान कराने का आश्वासन दिया। इसपर किसान मंगलवार दोपहर तक गन्ना पर्ची जारी नहीं होने पर आंदोलन शुरू करने की चेतावनी देकर लौट गए।
लिब्बरहेड़ी शुगर मिल ने एक लाख क्विंटल गन्ने का इंडेंट जारी कर दिया है। इकबालपुर शुगर मिल सात नवंबर को इंडेंट जारी करने की बात कह रही है। भगवानपुर के करौंदी, खानपुर, रुहालकी, करौंदी, चुड़ियाला और किशनपुर क्षेत्र के किसानों का गन्ना खरीद सेंटर इकबालपुर शुगर मिल से जुड़ा हुआ था लेकिन किसान यहां गन्ना आपूर्ति के इच्छुक नहीं हैं।
ऐसे भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के मंडल उपाध्यक्ष शूरवीर सिंह के नेतृत्व में सोमवार सुबह 10.15 बजे सैकड़ों की संख्या में पहुंचे किसानों ने लिब्बरहेड़ी मिल की तरफ से जारी इंडेंट के आधार पर गन्ना पर्ची जारी करने की मांग की। उधर, समिति अधिकारियों को अभी अपने उच्चाधिकारियों से ही स्पष्ट निर्देश नहीं मिले हैं कि इस क्षेत्र के लोगों को किस शुगर मिल की गन्ना पर्ची जारी की जानी है।
वहीं, सोमवार को रुड़की स्थित इकबालपुर समिति के कार्यालय में पहुंचे किसानों ने गन्ना पर्ची जारी करने के लिए जमकर हंगामा किया। कुछ देर बाद समिति सचिव शीशपाल सिंह किसानों के पास पहुंचे। वहां उन्होंने किसानों से वार्ता लेकिन उन्हें किसानों से मौके पर संतोषजनक जवाब नहीं मिला। इसके बाद किसानों ने सचिव को बंधक बना लिया। उन्हें काफी देर तक धरनास्थ्ल पर बैठाया गया। कुछ देर बाद समिति सचिव ने कहा कि मिल प्रबंधक से उनकी वार्ता हो रही है। वह उनकी मांग को शुगर मिल प्रबंधक और शासन-प्रशासन तक भी पहुंचाने का काम करेंगे लेकिन किसान वहां से नहीं उठे।
छह घंटे से ज्यादा का समय बीतने के बाद किसानों ने इकबालपुर गन्ना समिति पर तालाबंदी कर दी। किसानों ने शुगर मिल और गन्ना समिति की ओर से उत्पीड़न के आरोप लगाकर जमकर हंगामा किया। शोर होने पर बड़ी संख्या में लोग इकट्ठा हो गए। दोपहर चार बजे तक भी किसान इकबालपुर गन्ना समिति के परिसर में इकट्ठा रहे। प्रदर्शन और तालाबंदी के दौरान महिपाल चौधरी, विनोद चौहान, राकेश सैनी, सचिन, दुष्यंत चौहान, देशराज सैनी, विशाल सैनी, सतीश चौधरी, मोहम्मद हनीफ, चौधरी तेलूराम , राजवीर सिंह, लाल सिंह, जतिन चौधरी और धनपत आदि मौजूद रहे।