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ट्रैक्टर रैली निकालकर किसानों ने दिखाई ताकत

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नारसन में ट्रैक्टर रैली निकालते किसान। - फोटो : ROORKEE
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कृषि सुधार कानूनों के विरोध में दिल्ली में आंदोलित किसानों की ओर से ट्रैक्टर रैली निकालने के आह्वान का असर क्षेत्र में भी देखने को मिला। नारसन में किसानों ने 50 से अधिक ट्रैक्टर-ट्रॉलियों पर सवार होकर यूपी बॉर्डर तक रैली निकाली। इस दौरान उन्होंने केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए कृषि सुधार कानूनों को वापस लेने की मांग की।
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विभिन्न प्रदेशों के किसान बड़ी संख्या में दिल्ली बॉर्डर पर चल रहे आंदोलन को समर्थन देने पहुंच रहे हैं। साथ ही स्थानीय स्तर पर भी आंदोलन का समर्थन कर रहे हैं। इसी कड़ी में विभिन्न संगठनों के आह्वान पर क्षेत्रीय किसानों ने बृहस्पतिवार को नारसन बॉर्डर पर ट्रैक्टर रैली निकालकर शक्ति प्रदर्शन किया। ट्रैक्टर मार्च को सफल बनाने के लिए दोपहर करीब 1.30 बजे नारसन कलां गांव से चार दर्जन से भी अधिक ट्रैक्टर लेकर सैकड़ों किसान नारसन कस्बे में जुटे। भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) गढ़वाल मंडल के महामंत्री अरविंद राठी के नेतृत्व में किसानों ने नारसन चौकी से नारसन बॉर्डर तक ट्रैक्टर मार्च निकाला। इस दौरान किसान बॉर्डर पार कर यूपी के हिस्से में करीब एक किमी आगे तक भी गए। किसानों ने 26 जनवरी की परेड में अधिक से अधिक किसानों से ट्रैक्टर लेकर पहुंचने का आह्वान किया।
अरविंद राठी ने कहा कि केंद्र सरकार अपनी जिद पर अड़ी और किसानों की किसी को परवाह नहीं है। अगर केंद्र सरकार ने मांगें नहीं मानीं तो 26 जनवरी को भी ट्रैक्टर परेड होगी। उन्होंने कहा कि अभी तक किसान इस उम्मीद में शांत है कि सरकार कोई रास्ता निकालेगी, लेकिन सरकार ने जो रवैया अख्तियार किया है, उससे उम्मीदें धूमिल होती जा रही हैं। जल्द ही कोई समाधान नहीं हुआ तो देशभर में आंदोलन तेज होगा और केंद्र सरकार को इसका भारी खामियाजा भुगतना पड़ेगा। इस दौरान सोनवीर, किशनपाल चेयरमैन, लालू, धनवीर, सुनील राठी, मनोज राठी, राजीव, नीटू, सुधीर कुमार, यशपाल सिंह, श्रवण कुमार, कालूराम, धर्मेंद्र सिंह, सुधीर, गौरव, कंवरपाल मौजूद रहे।
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गन्ना मूल्य घोषित करने की मांग, आंदोलन के मूड में किसान
गन्ना मूल्य घोषित नहीं होने के विरोध में किसान संगठन आंदोलन की तैयारी में हैं। किसानों का कहना है कि पेराई सत्र शुरू हुए दो महीने से अधिक का समय गुजर चुका है, लेकिन अभी तक किसानों को यह तक नहीं पता है कि शुगर मिल उनका गन्ना किस भाव में खरीदेगी। किसान संगठनों ने चेतावनी दी है कि जल्द मूल्य घोषित नहीं होता है तो सड़कों पर उतरकर आंदोल किया जाएगा। साथ ही किसानों ने गन्ने का भाव 400 रुपये प्रति कुंतल घोषित किए जाने की मांग की है।
राज्य सरकार हर साल पेराई सत्र के आसपास न्यूनतम गन्ना समर्थन मूल्य घोषित करती है। इस बार पेराई सत्र शुरू होने के दो महीने बाद भी इसकी घोषणा नहीं हो सकी है। प्रदेश सरकार की ओर से गठित गन्ना मूल्य निर्धारण समिति की कुछ दिन पहले बैठक भी हो चुकी है, लेकिन अभी तक गन्ने का भाव घोषित नहीं हुआ है। ऐसे में जो शुगर मिलें पिछले साल के रेट के हिसाब से भुगतान कर रही हैं। गन्ना मूल्य निर्धारण समिति में बतौर सदस्य नामित भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के जिला प्रवक्ता राकेश लोहान का कहना है कि दो महीने से शुगर मिलें गन्ना खरीद रही हैं, लेकिन अभी तक भाव घोषित नहीं किया गया है। जल्द ही भाव घोषित नहीं होता है तो सड़कों पर उतरकर आंदोलन किया जाएगा। वहीं, भारतीय किसान यूनियन रोड़ गुट के प्रदेश उपाध्यक्ष पद्म रोड़ का कहना है कि एक तरफ केंद्र सरकार तो दूसरी तरफ प्रदेश सरकार किसानों को गुमराह कर रही है। गन्ना मूल्य घोषित नहीं किया जा रहा है। जल्द ही इसके विरोध में विशाल प्रदर्शन किया जाएगा। किसान नेताओं ने गन्ने का भाव कम से कम 400 रुपये प्रति कुंतल रुपये घोषित करने की मांग की है।
‘दो हजार बकाया पर भी दर्ज हो रहे मुकदमे
रुड़की। बिजली फीडर पर तैनात जेई की ओर से किसानों पर दर्ज कराए जा रहे मुकदमों के विरोध में बृहस्पतिवार को भारतीय किसान यूनियन रोड़ गुट के प्रदेश उपाध्यक्ष पद्म सिंह रोड़ के नेतृत्व में क्षेत्रीय किसानों ने अधीक्षण अभियंता राहुल जैन से मुलाकात की। किसान नेताओं ने जेई पर किसानों के शोषण करने और धमकी देने का आरोप लगाया।
बृहस्पतिवार को पद्म सिंह रोड़ बेहड़ेकी, देवपुर, धर्मपुर आदि गांवों के किसानों के साथ रुड़की स्थित अधीक्षण अभियंता के कार्यालय पर पहुंचे। उन्होंने अधीक्षण अभियंता राहुल जैन से मुलाकात कर बताया कि गांव के एक फीडर पर तैनात जेई किसानों का शोषण कर रहे हैं। मात्र दो हजार के बकाया पर भी मुकदमे दर्ज कराए जा रहे हैं। अभी तक जेई 19 किसानों के खिलाफ तहरीर दे चुके हैं जबकि व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की जा रही है। इस पर अधीक्षण अभियंता राहुल जैन ने किसानों को जेई की कार्यशैली की जांच कराकर कार्रवाई का भरोसा दिया है। मौके पर जितेंद्र त्यागी, रामेश्वर त्यागी, प्रदेश त्यागी, कुलदीप, जसबीर, धर्मेंद्र, राजेंद्र, छोटा, इंदर, पवन, सुरेंद्र, रविंद्र, जावेद एवं इरशाद मौजूद रहे।
कृषि कानूनों पर किसान को बरगला रहा विपक्ष : राणा
चुड़ियाला। भाजपा किसान मोर्चा के प्रदेश उपाध्यक्ष देवी सिंह राणा ने कहा कि कृषि कानूनों पर विपक्ष किसानों का बरगला रहा है, जबकि ये कानून किसानों के लिए मील का पत्थर साबित होने वाले हैं। बृहस्पतिवार को भगवानपुर ग्रामीण मंडल के चुड़ियाला शक्ति केंद्र की कार्यशाला में बतौर मुख्य वक्ता देवी सिंह राणा ने कहा कि कृषि कानूनों से बिचौलियों के समाप्त होने से सीधा फायदा किसानों को होगा। इससे किसानों की आय दोगुनी होगी। कार्यकर्ता कानूनों की जानकारी हर किसान तक पहुंचाएं। इस मौके पर शक्ति केंद्र संयोजक कुलदीप त्यागी, मंडल महामंत्री राजेश त्यागी, बूथ अध्यक्ष अंशुल त्यागी, पंकज त्यागी त्रिलोक, प्रियांशु, कुलदीप त्यागी आदि मौजूद रहे।
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