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ज्वाइंट मजिस्ट्रेट कार्यालय में किसानों की हुंकार : 10 मांगें पूरी, सात पर समाधान का इंतजार

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भारतीय किसान यूनियन रोड़ के राष्ट्रीय अध्यक्ष पदम सिंह रोड़ के नेतृत्व में किसानों के प्रतिनिधिमंडल ने ज्वाइंट मजिस्ट्रेट के साथ बैठक कर अपनी 17 सूत्री मांगों को प्रमुखता से उठाया। किसानों ने कहा कि जो मांगें पूरी नहीं हो पाई हैं उनको भी जल्द पूरा किया जाए। पूर्व में भी नगर निगम में किसान संगठन अधिकारियों के साथ बैठक कर चुका था। वहां पर कुछ अधिकारियों के नहीं पहुंचने पर दोबारा से मंगलवार को तहसील में बैठक का आयोजन किया गया।
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मंगलवार सुबह 11:00 बजे के बाद राष्ट्रीय अध्यक्ष पदम सिंह रोड़ के नेतृत्व में किसानों का प्रतिनिधिमंडल ज्वाइंट मजिस्ट्रेट कार्यालय पहुंचा। वहां जेएम कार्यालय में विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। बैठक में किसानों ने अपने-अपने क्षेत्र से जुड़ी समस्याओं को अधिकारियों के समक्ष रखा। पदम सिंह रोड़ ने बताया कि जहां पर भी चकबंदी का सर्वे हो रहा है वहां पर कार्य में काफी गड़बड़ी की जा रही है इसलिए पटवारी के कार्य क्षेत्र बदले जाएं।

इसपर बालेकी मसाही में दो साल से मात्र 20 प्रतिशत चकबंदी का काम होने पर टीम को बदल दिया गया। किसानों ने मांग की कि आरटीओ की ओर से खेत से अपने घरों की ओर लौट रहे बग्गी और ट्रैक्टर के चालान न हों। शहर और देहात में संदिग्ध गतिविधियां व नशा तेजी से बढ़ रहा है। इस पर तत्काल प्रभाव से अंकुश लगाया जाए आदि 10 मांग अधिकारियों के समक्ष रखी जिस पर अधिकारियों ने उनका तत्काल संज्ञान लेकर समाधान करने का आश्वासन दिया।
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प्रदेश अध्यक्ष संजीव कुशवाहा ने बताया कि 10 मांगें पूरी हो चुकी हैं जबकि स्मार्ट मीटर और सिक्योरिटी की फीस के अलावा बकाया गन्ना भुगतान समेत सात मांगे अभी पूरी नहीं हो पाई हैं। इस संबंध में ज्वाइंट मजिस्ट्रेट व अन्य अधिकारियों ने जल्द उन्हें सरकार तक पहुंचाने की बात कही है। बैठक में बेहडेकी और मोहम्मदपुर पांडा में हाईवे की सर्विस लेन 10 दिन में बनाकर देने पर एनएचएआई के अधिकारियों ने सहमति जताई।

जिला अध्यक्ष नाजिम अली ने कहा कि किसानों की प्रमुख मांगों में सड़कों की मरम्मत, बिजली आपूर्ति में सुधार, गन्ना भुगतान में तेजी, चकबंदी से जुड़ी समस्याओं का समाधान और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करना शामिल था। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द बाकी समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो किसान आंदोलन तेज करने को मजबूर होंगे। वहीं ज्वाइंट मजिस्ट्रेट दीपक रामचंद्र शेट ने कहा कि प्रशासन किसानों की समस्याओं को लेकर गंभीर है और अधिकांश मुद्दों पर त्वरित कार्रवाई की जा रही है।
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