मंगलौर। पंजाब सरकार की तर्ज पर गन्ना मूल्य घोषित करने और बकाए भुगतान की मांग को लेकर सोमवार से भाकियू सदस्य सड़क पर उतर आए हैं। गुस्साए सदस्यों ने कुरड़ी स्थित गुड़ मंडी के बाहर दिल्ली-हरिद्वार हाईवे पर बेमियादी जाम लगा दिया है। इससे दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गई हैं। क्षेत्रीय लोगों और वाहन चालकों की परेशानी को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने रूट डायवर्ट कर दिया है। धरना स्थल पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। प्रशासन स्थिति पर नजर रखे हुए हैं।
सोमवार सुबह भाकियू के नेतृत्व में सैकड़ों किसान पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार कुरड़ी स्थित गुड़ मंडी के बाहर दिल्ली-हरिद्वार राष्ट्रीय राजमार्ग पर एकत्रित हुए। दोपहर करीब 12 बजे सड़क पर दरी बिछाकर किसानों ने धरना शुरू किया। इसी बीच कई किसान ट्रैक्टर ट्रालियों एवं अन्य वाहन लेकर पहुंचे और हाईवे पर आड़े-तिरछे खड़े कर अनिश्चितकालीन के लिए हाईवे पर जाम लगा दिया। हाईवे पर शुरू हुई किसानों की पंचायत को गढ़वाल मंडल के अध्यक्ष संजय चौधरी ने कहा कि किसानों की आर्थिक स्थिति सुधारने के लिए कुछ भी नहीं किया जा रहा है। चीनी मिलें किसानों को पिछले सत्र का बकाया का भुगतान भी नहीं कर रही है। इससे किसान परेशान हैं। वह अपनी जरूरतें भी पूरी नहीं कर पा रहा है। भाकियू के जिला अध्यक्ष रवि कुमार ने कहा कि प्रदेश सरकार यूपी के हिसाब से गन्ने का मूल्य घोषित करने का प्रयास कर रही है। यदि प्रदेश सरकार को गन्ने के भाव के लिए बाहरी प्रदेशों की तुलना करनी है तो पंजाब से तुलना करें। वहां गन्ने का भाव 315 रुपये प्रति क्विंटल दिया जा रहा है। यहां भी यही रेट दिया जाना चाहिए। इसके अलावा गन्ने का समस्त बकाया जारी कराया जाए। मौके पर एएसडीएम मनीष कुमार, सीओ प्रताप सिंह चौहान, कोतवाली प्रभारी उत्तम सिंह जिमिवाल, एस एस आई नवीन सेमवाल, एसओ झबरेड़ा अनुज सिंह, कैलाश बिष्ट आदि मौजूद रहे।
यह बनाई यातायात व्यवस्था
दिल्ली-हरिद्वार में जाम लगने से पुलिस-प्रशासन ने नारसन से वाहन लखनौता चौराहे, झबरेड़ा, पुहाना होते हुए दिल्ली एवं देहरादून भेजे। इसके अलावा रुड़की की तरफ से आने वाले वाहनों को लंढौरा-लक्सर मार्ग से हरिद्वार-दिल्ली के लिए रवाना किए जा रहे हैं। जाम खुलने तक प्रशासन यही वैकल्पिक व्यवस्था बनाए रखेगा।
मौके तक पहुंचे, बिना वार्ता लौटे अधिकारी
एएसडीएम मनीष कुमार एवं सीओ प्रताप सिंह किसानों की ओर से लगाए गए जाम स्थल पर पहुंचे। इससे एक बार लगने लगा कि अधिकारी वार्ता करके जाम खुलवा देंगे। लेकिन अधिकारियों ने न वार्ता की और जाम खुल सका। अधिकारी बिना वार्ता किए लौट गए।
नारसन में भी रूट डायवर्ट
नारसन। भाकियू की ओर से कुरड़ी मंडी पर हाईवे जाम करने का असर नारसन में भी पड़ा। क्षेत्रीय लोग परेशान नजर आए। इस दौरान पुलिस को वाहनों की आवाजाही के लिए नारसन-झबरेड़ा पुहाना मार्ग को डायवर्ट करना पड़ा। क्षेत्र के गांव दहियाकी, मंडावली, नंगला सलारू, मन्नाखेड़ी, लिब्बरहेड़ी आदि गांवों के लोगों को नारसन तिराहे से घरों को जाने के लिए रिक्शा, तांगे व अन्य वाहनों का सहारा लेना पड़ा।
उकिमो का धरना
रुड़की। भाकियू ने जहां गन्ना भुगतान एवं गन्ना मूल्य को लेकर मंगलौर में हाईवे जाम किया, वहीं उत्तराखंड किसान मोर्चा ने भुगतान एवं गन्ना मूल्य घोषित करने समेत अन्य मांगों के लिए ज्वाइंट मजिस्ट्रेट कार्यालय पर एक दिवसीय धरना दिया। बाद में एक ज्ञापन मुख्यमंत्री के नाम भेजा गया। धरने पर मोर्चा अध्यक्ष गुलशन रोड ने कहा कि चीनी मिलों को चले हुए दो महीने से अधिक हो गए हैं। लेकिन अभी तक सरकार ने गन्ना मूल्य तय नहीं किया है। इससे किसानों को यह तक पता नहीं चलता कि उनके गन्ने का दाम क्या होगा। भुगतान तो दूर की बात है। जिलाध्यक्ष महकार सिंह ने कहा कि जिस नीति से सरकारें काम कर रही हैं, उससे किसानों का खेतीबाड़ी से मोह भंग होता जा रहा है। धरने पर मोर्चा नेताओं ने समस्याओं का निस्तरण नहीं होने पर बड़ा आंदोलन करने की चेतावनी शासन-प्रशासन को दी। इस अवसर पर कनक सिंह, सुरेंद्र, धर्मवीर सिंह, प्रेम सिंह, मुंतजीर, चौधरी राजेंद्र सिंह, सुकरमपाल, सनसपाल आदि मौजूद रहे।