सरचार्ज माफी योजना खत्म होने के बाद ऊर्जा निगम के अधिकारियों ने बकायेदारों पर शिकंजा कसने की तैयारी शुरू कर दी है। सभी बड़े और छोड़े बकायेदारों की सूची बनानी शुरू कर दी है। इसके बाद बकायेदारों के कनेक्शन काटे जाएंगे। जबकि, बड़े और लंबे समय से चले आ रहे बकायेदारों की आरसी जारी की जाएगी।
रुड़की क्षेत्र में इस समय ऊर्जा निगम के करीब दो लाख 20 हजार उपभोक्ता हैं। इनमें से करीब 30 हजार उपभोक्ता नियमित बिलों का भुगतान करते हैं। अधिकतर उपभोक्ताओं पर निगम का बकाया चल रहा है। बकायेदारों के लिए सरकार ने मार्च में सरचार्ज माफी योजना शुरू की थी। इस योजना के तहत बिल जमा करवाने के लिए ऊर्जा निगम ने लगातार लोगों से जनसंपर्क किया, लेकिन बहुत कम बकायेदारों ने योजना के तहत बकाया जमा कराया। 31 दिसंबर को योजना समाप्त हो गई थी। अब ऊर्जा निगम के अधिकारी बकायेदारों पर कार्रवाई करने के लिए एक्शन मोड में आ गए हैं। शुक्रवार देर शाम ऊर्जा निगम के अधीक्षण अभियंता राहुल जैन से अधिकारियों के साथ बैठक की।
उन्होंने अधिकारियों को अपने क्षेत्रों के बकायेदारों की सूची तैयार करने के निर्देश दिए। साथ ही कहा कि सूची दो भागों में तैयार की जाए। पहली सूची में ऐसे बकायेदारों को शामिल करना है, जो दस हजार से कम हैं और ज्यादा पुराने बकायेदार नहीं है। दूसरी सूची में ऐसे लोगों को शामिल करना है. जिन पर लाखों रुपये बकाया है और ये लंबे समय से बिल नहीं जमा कर रहे हैं। छोटे बकायेदारों के घर जाकर उनके कनेक्शन काटे जाएंगे जबकि बड़े बकायेदारों के कनेक्शन काटकर आरसी जारी की जाएगी। उन्होंने कहा कि अब सख्ती अपनाकर वसूली की जाएगी।
सुविधा के लिए कैंप भी लगेंगे
नियमित तौर पर बिजली के बिल जमा करने वाले उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए ऊर्जा निगम क्षेत्र में जगह-जगह शिविर लगाएगा। इन शिविरों में वे लोग भी बकाया जमा करवा सकते हैं, जिनका लाखों रुपये लंबे समय से बकाया चल रहा है।