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Roorkee News: ऊर्जा निगम कर्मचारियों ने निजीकरण का किया विरोध

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ऊर्जा निगम में निजीकरण के विरोध में बृहस्पतिवार को अधिकारियों का गुस्सा फूट पड़ा। शहर स्थित अधीक्षण अभियंता कार्यालय पर विभिन्न संगठनों से जुड़े कर्मचारियों ने एक दिवसीय सांकेतिक धरना देकर सरकार की नीतियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शन को भारतीय किसान यूनियन (रोड़) ने भी समर्थन दिया है।
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प्रदर्शन के दौरान वक्ताओं ने कहा कि ऑल इंडिया फेडरेशन ऑफ इलेक्ट्रिसिटी इंप्लाइज एवं विद्युत सुधार अधिनियम 2025 जल विद्युत परियोजनाओं की भूमि को अन्य व्यावसायिक कार्यों के लिए दिए जाने का विरोध जारी रहेगा। कर्मचारियों ने कहा कि विद्युत वितरण कंपनियों का निजीकरण किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं किया जाएगा।

रुड़की बोट क्लब के समीप स्थित विद्युत वितरण मंडल कार्यालय पर सुबह 11 बजे के बाद अधिकारी और कर्मचारी एकत्र हुए। उन्होंने जल विद्युत परियोजना की भूमि का निजीकरण किए जाने का पुरजोर विरोध किया। अधीक्षण अभियंता विवेक राजपूत ने कहा कि विद्युत वितरण कंपनियों के निजीकरण के शासनादेश का किसी भी सूरत में समर्थन नहीं किया जाएगा।
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उन्होंने कहा कि ऊर्जा निगम से जुड़े सभी कर्मियों को एकजुट होकर अपने हक की लड़ाई लड़नी होगी। उन्होंने कहा कि बिजली का निजीकरण न केवल कर्मचारियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है बल्कि इससे आम जनता को भी भारी नुकसान झेलना पड़ेगा क्योंकि निजी कंपनियां मुनाफे के लिए काम करेंगी। इससे बिजली महंगी होने के अलावा गरीब व मध्यम वर्ग के लोगों की पहुंच से दूर हो जाएगी।

उत्तराखंड बिजली कर्मचारी संघ के प्रांतीय अध्यक्ष देवेंद्र कुमार शर्मा ने कहा कि सरकार की नीतियों की वजह से बृहस्पतिवार को देशभर में आंदोलन शुरू कर दिए गए हैं। उन्होंने मांग की है कि निगम की भूमि पर बिजली घर व अन्य कार्यों को किया जाना चाहिए। इस मौके पर अधिशासी अभियंता अनिल कुमार मिश्रा, आशुतोष तिवारी, विनोद पांडे, अनूप सैपी, अश्वनी सिंह, आकाश सिंह, अमित तोमर और अनिता सैनी, भाकियू रोड़ से प्रदीप त्यागी और विकास शर्मा आदि मौजूद रहे।
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