रुड़की। शहर में अतिक्रमण हटाने के अभियान को लेकर कांग्रेसी नेताओं और मुख्यमंत्री हरीश रावत का वीडियो वायरल हो गया। इसी बीच अभियान पर पंचायत चुनाव का ब्रेक लगने से भी शहर की सियासत अंदरूनी तौर पर गर्म हो गई। कांग्रेस का ही एक धड़ा दबी जुबान से वीडियो क्लीपिंग को सीएम की सुरक्षा में सेंधमारी बता रहा है। वहीं प्रकरण पर सीएम हाउस से जांच बैठाने की चर्चाएं भी शहर में होती रही।
शहर में अतिक्रमण विरोधी अभियान की भूमिका बनते ही राजनीतिक हलचल शुरू हो गई थी। हालांकि प्रशासन ने कई दौर की बैठकों में जनप्रतिनिधियों से भी आमराय बनाने का प्रयास किया। बैठकों में व्यापारियों और जनप्रतिनिधियों ने प्रशासन की हां में हां भी मिलाई। लेकिन, अंदरूनी तौर पर सब कुछ सामान्य नहीं था।
नतीजतन अभियान के पहले ही दिन आधे घंटे में राजधानी से फोन घनघनाते ही दो दिन की मोहलत देनी पड़ी। इसके तीन दिन बाद मेन बाजार से अभियान शुरू हुआ। इसी बीच शहर के कुछ कांग्रेसी नेताओं ने मुख्यमंत्री हरीश रावत से मुलाकात की। जिसमें उन्होंने शहर में जाम की समस्या का दूसरे तरीके से हल निकालने का सुझाव दिया। अभियान की जानकारी देने पर सीएम ने कुछ भरोसा भी कांग्रेसी नेताओं को दिलाया।
इसी दौरान मोबाइल फोन से वीडियो बनाया गया था। जो बाद में अभियान पर सीएम की रोक लगाने का दावा करते हुए मीडिया को भी जारी किया गया। अधिसूचना जारी होते ही अभियान थम भी गया। लेकिन, वीडियो वायरल होने से राजनीति गर्म हो गई। सूत्र बताते हैं कि विरोधी धड़े ने इसे सीएम की सुरक्षा में छेद बताते हुए मामला राजधानी तक उछाला। इस पर जांच बैठाने की चर्चाएं भी रविवार को शहर में रही।